{"_id":"633ef642266a4d45e357808b","slug":"sebi-cancels-the-registration-of-brickwork-ratings-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"SEBI: ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया पर नियमों के उल्लंघन का आरोप, सेबी ने रद्द किया लाइसेंस, ये निर्देश भी दिया","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
SEBI: ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया पर नियमों के उल्लंघन का आरोप, सेबी ने रद्द किया लाइसेंस, ये निर्देश भी दिया
Thu, 06 Oct 2022 09:11 PM IST
शिव शरण शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 06 Oct 2022 09:11 PM IST
सार
सेबी ने कहा है कि ब्रिकवर्क ने कई तरह के उल्लंघन किए हैं। ब्रिकवर्क ने सही रेटिंग प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया, साथ ही एजेंसी ने अपने क्लाइंट्स के लिए रेटिंग जारी करते समय जांच भी नहीं की।
विज्ञापन
सेबी
- फोटो : PTI
विस्तार
ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया के खिलाफ सेबी ने बड़ी कार्रवाई की है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इतना ही नहीं सेबी ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया को छह महीने के अंदर भारत से अपना पूरा बिजनेस समेटने का निर्देश भी दिया है।साथ ही सेबी ने यह भी कहा है कि एजेंसी अब कोई भी नया क्लाइंट भारत में नहीं बनाएगी। आरोप है कि ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया ने नियामक के कई तरह के उल्लंघन किए हैं। इन आरोपों के चलते ही सेबी ने यह कार्रवाई की है।
विज्ञापन
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने गुरुवार को अपने निर्देश जारी किया। इसमें सेबी ने कहा है कि ब्रिकवर्क ने कई तरह के उल्लंघन किए हैं। ब्रिकवर्क ने सही रेटिंग प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया, साथ ही एजेंसी ने अपने क्लाइंट्स के लिए रेटिंग जारी करते समय जांच भी नहीं की। इसके साथ ही एजेंसी ने अपने आंतरिक नियमों के तहत समयसीमा का अनुपालन भी सुनिश्चित नहीं किया।
विज्ञापन
सेबी ने कहा कि ब्रिकवर्क ने रेटिंग की निगरानी से संबंधित सूचना देने में भी देरी की। सेबी ने अपने आदेश में कहा है कि ब्रिकवर्क क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के रूप में अपने दायित्वों के निर्वहन में पर्याप्त कौशल, जांच-परख को पूरा करने में विफल रही। इससे निवेशक संरक्षण और प्रतिभूति बाजार के व्यवस्थित विकास का मकसद पूरा नहीं हुआ। सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जरूरत थी।
विज्ञापन
तीन कंपनियों की संपत्ति होगी नीलाम
इस बीच सेबी ने तीन कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। सेबी ने निवेशकों से गैरकानूनी तरीके से जुटाए गए धन की वसूली के मामले में यह कार्रवाई करने का फैसला किया है। ये तीन कंपनियां सुमंगल इंडस्ट्रीज, जीएसएचपी रियलटेक और इंफोकेयर इंफ्रा लिमिटेड हैं। इनकी संपत्तियों की 10 नवंबर को नीलामी किया जाएगा। सेबी जल्द ही इस बारे में एक नोटिस सार्वजनिक करेगी। कंपनियों की कुल 10 संपत्तियों की 7.68 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर नीलामी की जाएगी।