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न्यूनतम बैलेंस न रखने पर SBI लगाएगा जुर्माना
amarujala.com {Presented by: पवन नाहर}
Updated Sat, 04 Mar 2017 02:50 AM IST
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एसबीआई
- फोटो : Pintrest
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देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) जल्द ही अकाउंट में न्यूमतम बैलेंस राशि (मिनिमम बैलेंस) न रखने पर जुर्माना लगाएगा। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई एक बार फिर अपनी उस नीति को स्थापित कर सकता है, जिसके तहत ग्राहकों को मासिक रूप से अपने खाते में न्यूनतम राशि बनाए रखनी होती है।
इस साल की 1 अप्रैल से यह नियम बचत खातों में लागू हो सकता है। एसबीआई ने ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए साल 2012 में इस नीति को हटा दिया था। गौरतलब है कि विमुद्रीकरण के बाद खुले नए खातों और जीरो-बैलेंस खातों समेत सभी बचत खातों के परिचालन में काफी लागत आती है। एसबीआई के पास 25 करोड़ बचत खाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, शहरी इलाकों में ग्राहकों को 5 हजार रुपए की मासिक न्यूनतम राशि रखनी होगी। यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1 हजार रुपए होगी। यदि शहरी इलाकों में न्यूनतम बैलेंस 50 फीसदी से कम होगा, तो बैंक 50 रुपए का जुर्माना लगाएगा। 50 से 75 फीसदी के लिए 75 रुपए का जुर्माना और 75 फीसदी से अधिक के लिए 100 रुपए का जुर्माना तय किया है। इसके साथ ग्राहकों को सर्विस टैक्स भी देना होगा। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में यह जुर्माना कम होगा।
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इसके अलावा पहली अप्रैल से 5 सहायक बैंको का एसबीआई में विलय होने वाला है। स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ ट्रेवनकोर का विलय एसबीआई में होने वाला है। साथ ही लेन-देन व्यवहार की संख्या सीमित करने के बाद यह नियम ग्राहकों की जेब पर बड़ी मार होगी।
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इस साल की 1 अप्रैल से यह नियम बचत खातों में लागू हो सकता है। एसबीआई ने ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए साल 2012 में इस नीति को हटा दिया था। गौरतलब है कि विमुद्रीकरण के बाद खुले नए खातों और जीरो-बैलेंस खातों समेत सभी बचत खातों के परिचालन में काफी लागत आती है। एसबीआई के पास 25 करोड़ बचत खाते हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, शहरी इलाकों में ग्राहकों को 5 हजार रुपए की मासिक न्यूनतम राशि रखनी होगी। यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1 हजार रुपए होगी। यदि शहरी इलाकों में न्यूनतम बैलेंस 50 फीसदी से कम होगा, तो बैंक 50 रुपए का जुर्माना लगाएगा। 50 से 75 फीसदी के लिए 75 रुपए का जुर्माना और 75 फीसदी से अधिक के लिए 100 रुपए का जुर्माना तय किया है। इसके साथ ग्राहकों को सर्विस टैक्स भी देना होगा। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में यह जुर्माना कम होगा।
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इसके अलावा पहली अप्रैल से 5 सहायक बैंको का एसबीआई में विलय होने वाला है। स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ ट्रेवनकोर का विलय एसबीआई में होने वाला है। साथ ही लेन-देन व्यवहार की संख्या सीमित करने के बाद यह नियम ग्राहकों की जेब पर बड़ी मार होगी।