उपलब्धि: सत्या नडेला को ट्रेड-इंडस्ट्री के लिए मिला पद्मभूषण, जानें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के बारे में सब कुछ
गौरतलब है कि भारतीय-अमरीकी मूल के नडेला का जन्म 19 अगस्त 1967 को हैदराबाद में हुआ था। बेगमपेट के हैदराबाद पब्लिक स्कूल में उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई।
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माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को पद्मभूषण से सम्मानित करने का एलान किया गया है। बता दें कि उन्हें यह पुरस्कार ट्रेड-इंडस्ट्री कैटेगिरी में दिया गया है। गौरतलब है कि भारतीय-अमरीकी मूल के नडेला का जन्म 19 अगस्त 1967 को हैदराबाद में हुआ था। बेगमपेट के हैदराबाद पब्लिक स्कूल में उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। उन्होंने प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस और शिकागो यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में बतौर सर्वर ग्रुप काम करना शुरू किया।
22 वर्षों तक माइक्रोसॉफ्ट में किया काम
बता दें कि नडेला 1992 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े। इन 22 वर्षों में उन्होंने विंडो सर्वर, डिवेलपर्स टूल जैसे कई उत्पादों का नेतृत्व किया। हालांकि, उन्हें असली पहचान क्लाउड कंप्यूटिंग से मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्लाउड कंप्यूटिंग के विकास का सुझाव देने वाले कुछ कर्मचारियों में एक सत्या नडेला थे। उनके इस सुझाव के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने इस पर काम करना शुरू किया। जल्द ही नडेला को सर्वर और टूल्स डिवीजन का अध्यक्ष बना दिया। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन सर्विसेज डिवीजन का वरिष्ठ उपाध्यक्ष, माइक्रोसॉफ्ट बिजनेस डिवीजन का उपाध्यक्ष, बिजनेस सोल्युसंस एंड सर्च एंड एडवरटाइजिंग प्लेटफॉर्म का कॉर्पोरेट उपाध्यक्ष और अंतत: क्लाउड और एंटरप्राइज विभाग का कार्यकारी उपाध्यक्ष बनाया गया। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उसके सबसे सफल उत्पादों में से एक ऑफिस 365 है। बता दें कि ‘अजूर’ (माइक्रोसॉफ्ट की अपनी क्लाउड सेवा ) को स्थापित करने में भी नडेला का अहम योगदान है। यही वजह है कि उन्हें क्लाउड गुरु के नाम से भी जाना जाता है।