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क्षेत्रीय पार्टियों में सबसे अमीर है समाजवादी पार्टी, कर्ज के बोझ में डूबी हैं टीआरएस-टीडीपी

Sat, 10 Mar 2018 04:48 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 10 Mar 2018 04:48 PM IST
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samajwadi party is the richest among regional parties in india
सपा - फोटो : amar ujala

देश में रजिस्टर्ड 22 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों में केवल गिनती के कुछ ही राज्यों में सरकारें बची है, लेकिन इनकी संपत्तियों के फिलहाल अच्छे दिन आए हुए हैं। सबसे ज्यादा संपत्ति बढ़ाने के मामले में समाजवादी पार्टी नंबर वन पोजीशन पर है। वहीं डीएमके, एआईएडीएमके, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक और शिवसेना ने टॉप 4 में अपनी जगह बना रखी है। 

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सपा सबसे अमीर पार्टी
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) द्वारा जारी की गई  इस रिपोर्ट में देश भर की सभी 22 क्षेत्रीय पार्टियों की तुलना करें तो फिर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता वाली समाजवादी पार्टी सबसे अमीर पार्टी है।
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2011-12 से लेकर के 2015-16 के बीच पार्टी की संपत्ति में 198 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। चुनाव आयोग में दाखिल की गई बैलेंस शीट में पार्टी ने 2015-16 में 634.96 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। वहीं 2011-12 में पार्टी की संपत्ति 212.86 करोड़ रुपये थी। 

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डीएमके है दूसरे नंबर पर 

samajwadi party is the richest among regional parties in india
m karunanidhi

वहीं दूसरे स्थान पर तमिलनाडु में प्रमुख विपक्षी दल और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की अध्यक्षता वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का स्थान है, जिसकी संपत्ति 257.18 करोड़ रुपये है। इसके बाद तीसरे स्थान पर तमिलनाडु में सरकार चला रही एआईडीएमके है, जिसकी संपत्ति 224.84 करोड़ रुपये है। इसकी संपत्ति में 155 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। 2011-12 में पार्टी की कुल संपत्ति मात्र 88.21 करोड़ रुपये थी। 

शिवसेना की संपत्ति में 92 फीसदी का इजाफा
शिवसेना, वाईएसआर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की संपत्ति में भी इजाफा देखने को मिला है। 2011-12 में शिवसेना की कुल संपत्ति 20.59 करोड़ रुपये थी जो 2015-16 में बढ़कर 39.568 करोड़ रुपये हो गई। वहीं वाईएसआर कांग्रेस और आप की 2012-13 में कुल संपत्ति 1.165 करोड़ रुपये थी जो कि बढ़कर के 3.765 करोड़ रुपये हो गई है। 

कर्ज के बोझ में दबी हैं यह दो पार्टियां
केवल दो पार्टियों पर सबसे ज्यादा कर्जा है। तेलंगाना राष्ट्र समिति और तेलुगू देशम पार्टी पर 15.97 व 8.18 करोड़ रुपये का कर्जा है। एडीआर ने जिन तथ्यों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की हैं उनमें निम्नलिखित पैमाने लिए गए हैं- अचल संपत्ति, लोन व एडवांस, फिक्स डिपॉजिट, टीडीएस, निवेश और अन्य संपत्तियां। इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों के बारे में किसी तरह का कोई जिक्र नहीं है। 

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