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क्लस्टर के माध्यम से सरकार देगी तकनीक और ब्रांडिंग को बढ़ावा, 10 हजार करोड़ रुपये की योजना
Fri, 15 May 2020 07:57 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 15 May 2020 07:57 PM IST
सार
- असंगठित क्षेत्र में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए सरकार 10,000 करोड़ रुपये की योजना लेकर आई है।
- इससे लगभग दो लाख इकाइयों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- घरेलू कृषि उत्पादों को ब्रांड बनाने के लिए सरकार फूड प्रोडक्ट्स के लिए क्लस्टर बनाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला--रोहित झा
विस्तार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त का एलान किया। इस दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में जो सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां (MFE) हैं, उनके लिए हम 10,000 करोड़ रुपये की योजना लेकर आए हैं।
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ये क्लस्टर आधारित अप्रोच होगी और लगभग दो लाख इकाइयों को इससे लाभ मिलेगा। साथ ही इससे रोजगार के अवसर मिलेंगे और आय भी बढ़ेगी। इनकी मार्केटिंग ब्रांडिंग के साथ-साथ टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन भी होगी।
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घरेलू कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने पर फोकस
सरकार ने घरेलू कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने पर फोकस किया है। घरेलू कृषि उत्पादों को ब्रांड बनाने के लिए सरकार फूड प्रोडक्ट्स के लिए क्लस्टर बनाएगी। ये क्लस्टर अलग-अलग राज्यों में बनाए जाएंगे, जहां का जो उत्पाद लोकप्रिय होगा।
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Aiming to implement PM's vision of ‘Vocal for Local with Global outreach’, a scheme will be launched to help 2 lakh Micro Food Enterprises; Improved health and safety standards, integration with retail markets and improved incomes to be key focus areas#AatmaNirbharDesh pic.twitter.com/nnuXlJdPyp
— PIB India #StayHome #StaySafe (@PIB_India) May 15, 2020
उन्होंने कहा कि जिस तरह से बिहार में मखाना है, उत्तर प्रदेश में आम है, कर्नाटक में रागी है, तेलंगाना में हल्दी है, कश्मीर में केसर है, पूर्वोत्तर में बांस व हर्बल प्रोडक्ट है, लोकल से ग्लोबल नीति के तहत इन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। इन राज्यों में क्लस्टर बनाने की सुविधा के लिए इस कोष का इस्तेमाल किया जाएगा। कोष के जरिए नए बाजारों को भारतीय उत्पादों का निर्यात किया जाएगा।
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दुनिया की मौजूदा परिस्थिति भारत के लिए एक अवसर बन सकती है, ऐसे में पीएम मोदी ने कहा था कि हमें आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। इसके मद्देनजर सरकार लगातार कदम उठा रही है। कल्स्टर को बढ़ावा देने से ना सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि इससे रोजगार और आय में भी वद्धि होगी। साथ ही निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वोकल फॉर लोकल की बात कहते हुए घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए लोकल प्रोडक्ट को बढ़ावा देना होगा। साथ ही सप्लाई चेन को दुरुस्त करने के लिए बड़ी राहत देने की बात कही थी। कोरोना संकट काल में मुसीबतों का सामना कर रही अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए ये पैकेज अहम भूमिका निभा सकता है।