Report: बेहतर रिटर्न के कारण म्यूचुअल फंड बना बेहतर विकल्प, शुरुआत करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
निवेश के लिए उपलब्ध विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फंड यह तय करने में मदद करते हैं कि यहां हर निवेशक के लिए कुछ-न-कुछ उपलब्ध है। म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे सामान्य तरीका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आसान निवेश और बेहतर रिटर्न के कारण म्यूचुअल फंड पसंदीदा निवेश विकल्प बन चुका है। हाल ही में 'सेविंग कोशन्ट' नाम से जारी रिपोर्ट में यह पता चला है कि म्यूचुअल फंड उन शीर्ष-3 निवेश विकल्पों में शामिल है, जिसे भारतीय चुन रहे हैं। इसके बाद फिक्स्ड डिपाजिट का स्थान आता है।
निवेश के लिए उपलब्ध विभिन्न प्रकार के म्यूचुअल फंड यह तय करने में मदद करते हैं कि यहां हर निवेशक के लिए कुछ-न-कुछ उपलब्ध है। म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे सामान्य तरीका है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी)। अगर आप भी एसआईपी की शुरुआत करना चाहते हैं तो इन प्रमुख बातों का जरूर ध्यान रखें।
फायदे एक नजर में
एसआईपी के अनेक लाभों के कारण खुदरा निवेशक इसका बहुत अधिक इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, इनमें भी कई जोखिम हैं। इनकी जानकारी निवेशकों को पहले से होनी चाहिए।
- छोटे योगदान से शुरुआत: आप हर महीने 500 की छोटी राशि से एसआईपी शुरू कर सकते हैं। आय बढ़ने के साथ निवेश राशि बढ़ा सकते हैं।
- रुपया कॉस्ट एवरेजिंग: बाजार गिरने पर निवेशक म्यूचुअल फंड की अधिक यूनिट खरीद सकते हैं। तेजी पर कम यूनिट खरीदी जाती है। इससे निवेश की औसत लागत कम होती है।
- कंपाउंडिंग लाभ: लंबे समय तक नियमित निवेश से कंपाउंडिंग लाभ मिलता है। निवेश पर रिटर्न को फिर लगाया जाता है, जिससे निवेश में बहुत अधिक वृद्धि हो सकती है।
ऐसे समझें निवेश व रिटर्न का गणित
अगर आप 10 साल के लिए 12 फीसदी के औसत रिटर्न पर हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते हैं तो 10 वर्ष की अवधि खत्म होने पर आपका कुल निवेश 12 लाख रुपये होगा। वहीं, आपको निवेश पर रिटर्न 23.23 लाख रुपये मिलेगा।
कंपाउंडिंग के साथ 20 वर्ष के बाद इतने ही निवेश पर आपको 99.91 लाख रुपये की प्राप्ति होगी। पहले वर्ष में 1.20 लाख के निवेश से 8,093 रुपये रिटर्न मिलेगा। इस कारण कुल राशि 1.28 लाख रुपये हो जाएगी।
20 वर्ष के बाद अगर आप और पांच साल के लिए अपने निवेश के साथ जुड़े रहते हैं तो यह राशि दोगुनी होकर 1.89 करोड़ रुपये हो जाएगी। अगले और पांच वर्ष में यह राशि बढ़कर 3.52 करोड़ रुपये हो जाएगी।
भविष्य के वित्तीय लक्ष्य पाने में मददगार
एसआईपी एक शक्तिशाली टूल है, जिसमें अनुशासन के साथ निवेश करने व कंपाउंडिंग की ताकत को पाने जैसे दोनो लाभ शामिल होते हैं। इसे शुरू करना भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों जैसे बच्चों की शिक्षा या रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए तैयार होने का शानदार तरीका है। इसमें नियमित निवेश से दीर्घकालिक पूंजी बनाने में मदद मिलती है।