जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी मिलेगा किसान पेंशन योजना का लाभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अनुच्छेद 370 और 35ए की समाप्ति के बाद अब यहां के निवासियों को भी केंद्र सरकार की किसान पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार ने पूरे देश में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।
पांच करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ पांच करोड़ किसानों को मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस साल एक करोड़ किसान रजिस्ट्रेशन करा लेंगे। 18 से 40 साल वाले किसान इस योजना के तहत 60 वर्ष पूरे कर लेने पर तीन हजार रुपये की मासिक पेंशन मिलने के हकदार होंगे।
बजट में हुई थी घोषणा
केंद्र सरकार ने पांच जुलाई को पेश किए बजट में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना को शुरू करने की घोषणा की थी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित पूरे देश में इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। दोपहर तक कुल 419 लोगों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया था।
इतना देना होगा प्रीमियम
इसमें 18 साल वाले किसानों को 55 रुपये कंट्रीब्यूशन देना होगा। जबकि 40 साल वाले किसानों को 200 रुपये का प्रीमियम देना होगा। सरकार इस योजना पर करीब दस हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।
एलआईसी बनेगा पेंशन फंड मैनेजर
इस पेंशन फंड को मैनेज भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) करेगा। पेंशन के लिए प्रीमियम की राशि को जमा करना और बाद में पेंशन देने की पूरी जिम्मेदारी इसके पास रहेगी। इसके लिए एलआईसी एक अलग से सिस्टम को भी शुरू करेगा। इसके लिए किसान को खेती की पूरी जानकारी देने के लिए खसरा/खतौनी के अलावा आधार कार्ड , जनधन खाते की डिटेल और मोबाइल नंबर देना होगा जो कि आधार और बैंक खाते में जुड़ा हो।
मोदी सरकार ने दूसरे कार्यकाल के आगज के साथ ही इस योजना की घोषणा की थी। सरकार की योजना पहले तीन साल में 5 करोड़ किसानों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने की है। देश में लगभग 14 करोड़ किसान हैं। सरकार ने किसानों के 2024 तक दोगुनी आय का भरोसा दिया है।