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रेडसीर रिपोर्ट: ऑनलाइन खरीद बढ़ी, 90 अरब डॉलर के पार होगा कारोबार; पहली छमाही में कितनी रही बिक्री?
Wed, 21 Oct 2026 05:39 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 21 Oct 2026 05:39 AM IST
सार
भारत का ऑनलाइन खुदरा बाजार 2026 में 90 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है और पांच साल में सबसे तेज वृद्धि दर्ज होने का अनुमान है। इस तेजी में किराना और रोजमर्रा के सामान की मांग बड़ी भूमिका निभा रही है, जबकि मोबाइल की बिक्री सुस्त है। आखिर ऑनलाइन खरीदारी का बाजार किस तरह बदल रहा है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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ऑनलाइन कारोबार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एडॉब स्टॉक
विस्तार
भारत का ऑनलाइन खुदरा बाजार 2026 में 90 अरब डॉलर के पार पहुंचने का अनुमान है। इसमें सालाना 22-24% की वृद्धि दर्ज होने की भी उम्मीद है, जो पांच साल में सबसे तेज होगी। इस वृद्धि का प्रमुख कारण मोबाइल फोन के बजाय किराना जैसे रोजमर्रा की जरूरतों वाले उत्पादों की बढ़ती मांग है। रेडसीर स्ट्रेटजी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में ई-कॉमर्स का सकल वस्तु मूल्य (जीएमवी) पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 25% बढ़कर करीब 38 अरब डॉलर हो गया, जो चार वर्षों में इसका सबसे मजबूत छमाही प्रदर्शन है। इसके उलट, पहली छमाही में मोबाइल की बिक्री स्थिर रही और पूरे साल इसके मात्र 2-3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।
त्योहारों पर भी रहेगा तेजी का रुख
रेडसीर के पार्टनर कुषल भटनागर ने कहा, इस साल भारत का ऑनलाइन रिटेल वहां सबसे तेजी से बढ़ रहा है जहां मांग सबसे स्थिर है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में ग्रॉसरी, ब्यूटी एंड पर्सनल केयर (बीपीसी), और होम एंड फर्नीचर की कुल ऑनलाइन रिटेल जीएमवी में लगभग 40% हिस्सेदारी होगी।
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ये भी पढ़ें: विश्व बैंक रिपोर्ट: एआई से नौकरियां नहीं गईं, पर करिअर की पहली सीढ़ी खिसकी; कितनी कंपनियों ने घटाई भर्ती?
अकेले ग्रॉसरी इस साल जोड़े जाने वाले कुल जीएमवी का लगभग एक तिहाई हिस्सा होगी, जिसमें पूरे साल के लिए 50-53 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की जाएगी। इससे ग्रॉसरी की बाजार हिस्सेदारी 2025 के 16 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 19 प्रतिशत हो जाएगी। वहीं, पिछले साल कुल बिक्री का 19 प्रतिशत हिस्सा रखने वाले मोबाइल्स की हिस्सेदारी घटकर करीब 16 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में ई-कॉमर्स का सकल वस्तु मूल्य (जीएमवी) पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 25% बढ़कर करीब 38 अरब डॉलर हो गया, जो चार वर्षों में इसका सबसे मजबूत छमाही प्रदर्शन है। इसके उलट, पहली छमाही में मोबाइल की बिक्री स्थिर रही और पूरे साल इसके मात्र 2-3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।
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त्योहारों पर भी रहेगा तेजी का रुख
रेडसीर के पार्टनर कुषल भटनागर ने कहा, इस साल भारत का ऑनलाइन रिटेल वहां सबसे तेजी से बढ़ रहा है जहां मांग सबसे स्थिर है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में ग्रॉसरी, ब्यूटी एंड पर्सनल केयर (बीपीसी), और होम एंड फर्नीचर की कुल ऑनलाइन रिटेल जीएमवी में लगभग 40% हिस्सेदारी होगी।
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अकेले ग्रॉसरी इस साल जोड़े जाने वाले कुल जीएमवी का लगभग एक तिहाई हिस्सा होगी, जिसमें पूरे साल के लिए 50-53 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की जाएगी। इससे ग्रॉसरी की बाजार हिस्सेदारी 2025 के 16 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 19 प्रतिशत हो जाएगी। वहीं, पिछले साल कुल बिक्री का 19 प्रतिशत हिस्सा रखने वाले मोबाइल्स की हिस्सेदारी घटकर करीब 16 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।