फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   RBI can decrease repo rate in next MPC Meeting

अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन अप्रैल को, रेपो रेट घटा सकता है आरबीआई

Tue, 17 Mar 2020 02:24 AM IST
गौरव पाण्डेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 17 Mar 2020 02:24 AM IST
विज्ञापन
RBI can decrease repo rate in next MPC Meeting
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) तीन अप्रैल को होने वाली अगली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दरों में कटौती कटौती कर सकता है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐसे संकेत देते हुए तरलता बढ़ाने के लिए कई उपायों का भी एलान किया।

विज्ञापन


वैश्विक मंदी की आशंका में यूएस फेडरल रिजर्व, यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड सहित दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती का एलान कर चुके हैं। इससे आरबीआई पर भी रेपो दरों में कटौती का दबाव बना हुआ है। 
विज्ञापन


आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘कोरोना के चलते वैश्विक सुस्ती की आशंकाएं हैं, इनसे भारत भी अछूता नहीं रहेगा। जरूरत हुई तो अगली एमपीसी में रेपो दरें घटाई जा सकती हैं।’ इसके साथ ही दास ने 23 मार्च को दो अरब डॉलर से रुपये की अदला-बदली (स्वैप) का चरण शुरू करने का एलान किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही कहा कि बाजार की जरूरत के आधार पर एक लाख करोड़ रुपये का दीर्घकालिक रेपो परिचालन भी किया जा सकता है। गवर्नर ने यस बैंक को लेकर लिए गए फैसलों का बचाव किया और सकारात्मक नतीजे मिलने का भरोसा जताया। 

उन्होंने कहा कि निजी बैंक के रूप में यस बैंक की पहचान बनाए रखी जाएगी। दास ने यह भी कहा कि यस बैंक संकट और कोरोना के अर्थव्यवस्था व बैंकिंग प्रणाली पर बढ़ते असर के बावजूद भारत की बैंकिंग प्रणाली अच्छी स्थिति में है।

कोरोना के बहीखाते पर असर का आकलन करें बैंक

आरबीआई ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कोरोना वायरस के बहीखातों और संपत्ति गुणवत्ता पर असर का आकलन करने के लिए कहा है। आरबीआई ने बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, एनबीएफसी, पेमेंट और स्माल फाइनेंस बैंकों को संबोधित एक अधिसूचना में कहा कि भारत में कोरोना के कई मामले सामने आने के बाद भारत की वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा के लिए बदलते हालातों के मद्देनजर एक समन्वित रणनीति अपनाए जाने की जरूरत है। आरबीआई ने वित्तीय संस्थानों स जहां तक संभव हो, ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए भी कहा है।

बना सकते हैं त्वरित प्रतिक्रिया दल

आरबीआई ने कहा कि बैंकों को जोखिमों के प्रबंधन के लिए आपात उपाय करने चाहिए। इसके अलावा कारोबारी और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में हालात की बारीकी से निगरानी को ध्यान में रखते हुए एक त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) का गठन किया जा सकता है। क्यूआरटी अहम घटनाक्रमों से जुड़े अपडेट नियमित रूप से शीर्ष प्रबंधन को अवगत कराएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed