अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन अप्रैल को, रेपो रेट घटा सकता है आरबीआई
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) तीन अप्रैल को होने वाली अगली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो दरों में कटौती कटौती कर सकता है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐसे संकेत देते हुए तरलता बढ़ाने के लिए कई उपायों का भी एलान किया।
वैश्विक मंदी की आशंका में यूएस फेडरल रिजर्व, यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड सहित दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती का एलान कर चुके हैं। इससे आरबीआई पर भी रेपो दरों में कटौती का दबाव बना हुआ है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘कोरोना के चलते वैश्विक सुस्ती की आशंकाएं हैं, इनसे भारत भी अछूता नहीं रहेगा। जरूरत हुई तो अगली एमपीसी में रेपो दरें घटाई जा सकती हैं।’ इसके साथ ही दास ने 23 मार्च को दो अरब डॉलर से रुपये की अदला-बदली (स्वैप) का चरण शुरू करने का एलान किया।
साथ ही कहा कि बाजार की जरूरत के आधार पर एक लाख करोड़ रुपये का दीर्घकालिक रेपो परिचालन भी किया जा सकता है। गवर्नर ने यस बैंक को लेकर लिए गए फैसलों का बचाव किया और सकारात्मक नतीजे मिलने का भरोसा जताया।
उन्होंने कहा कि निजी बैंक के रूप में यस बैंक की पहचान बनाए रखी जाएगी। दास ने यह भी कहा कि यस बैंक संकट और कोरोना के अर्थव्यवस्था व बैंकिंग प्रणाली पर बढ़ते असर के बावजूद भारत की बैंकिंग प्रणाली अच्छी स्थिति में है।
कोरोना के बहीखाते पर असर का आकलन करें बैंक
आरबीआई ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कोरोना वायरस के बहीखातों और संपत्ति गुणवत्ता पर असर का आकलन करने के लिए कहा है। आरबीआई ने बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, एनबीएफसी, पेमेंट और स्माल फाइनेंस बैंकों को संबोधित एक अधिसूचना में कहा कि भारत में कोरोना के कई मामले सामने आने के बाद भारत की वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा के लिए बदलते हालातों के मद्देनजर एक समन्वित रणनीति अपनाए जाने की जरूरत है। आरबीआई ने वित्तीय संस्थानों स जहां तक संभव हो, ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए भी कहा है।
बना सकते हैं त्वरित प्रतिक्रिया दल
आरबीआई ने कहा कि बैंकों को जोखिमों के प्रबंधन के लिए आपात उपाय करने चाहिए। इसके अलावा कारोबारी और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में हालात की बारीकी से निगरानी को ध्यान में रखते हुए एक त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) का गठन किया जा सकता है। क्यूआरटी अहम घटनाक्रमों से जुड़े अपडेट नियमित रूप से शीर्ष प्रबंधन को अवगत कराएगी।