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Indian Railway: रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने संविदा नियुक्तियों को लेकर उठाए गंभीर सवाल; रेल मंत्रालय को किया आगाह

Fri, 01 Aug 2025 12:31 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Fri, 01 Aug 2025 12:31 PM IST
सार

रेलवे सुरक्षा आयुक्त  ए एम चौधरी ने महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्यों के लिए संविदात्मक भर्ती के खिलाफ मंत्रालय को आगाह किया है। उन्होंने कहा कि 2024 में मैसूरु-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस दुर्घटना तोड़फोड़ का परिणाम थी। 

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Railway Safety Commissioner raised serious questions regarding contractual appointments; warned the Rail Minis
भारतीय रेल - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

रेलवे सुरक्षा आयुक्त (दक्षिण सर्कल) ए एम चौधरी ने महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्यों में संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों के लिए संविदा आधार पर स्टाफ की नियुक्ति और उन्हें इन क्षेत्रों में कौशल विकसित करने की अनुमति देना चिंताजनक है और इसकी प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि निकट भविष्य में संविदा का उपयोग न्यूनतम किया जाए और दीर्घकाल में इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए।

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मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस हादसा
चौधरी ने यह टिप्पणी 2024 में मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस हादसे की जांच रिपोर्ट में की है। इसमें उन्होंने हादसे को तोड़फोड़ का नतीजा बताया गया था। 11 अक्टूबर, 2024 को मैसूरु-दरभंगा एक्सप्रेस (12578) तमिलनाडु के चेन्नई रेल डिवीजन के कवराईपेट्टई रेलवे स्टेशन पर रात लगभग 8.30 बजे एक खड़ी मालगड़ी से टकरा गई। इससे नौ यात्री घायल हो गए। 
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सीआरएस की जांच से पता चला कि बदमाशों ने ट्रैक इंटरलॉकिंग सिस्टम के घटकों को जबरदस्ती हटा दिया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। चौधरी ने साफ कहा कि दुर्घटना किसी उपकरण की अचानक विफलता के कारण नहीं हुई, बल्कि बदमाशों द्वारा एलएच टंग रेल की स्थिति में जबरन बदलाव के कारण हुआ।

रेल मंत्रालय की रिपोर्ट 
अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में रेल मंत्रालय ने कहा कि नीति के अनुसार, संविदा कर्मचारियों को रेलवे कर्मचारियों के साथ या उनकी देखरेख में गैर-महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाता है। 

चौधरी ने पायलट प्रोजेक्ट को लेकर जताई चिंता
चौधरी की सिफारिशें उस चिंता की पुष्टि करती हैं, जो पहले ही भारतीय रेल सिग्नल एवं दूरसंचार अनुरक्षक संघ (IRSTMU) ने मंत्रालय द्वारा संविदा आधार पर सिग्नलिंग और टेलीकॉम स्टाफ की नियुक्ति के पायलट प्रोजेक्ट को लेकर जताई थी।


संघ ने रिक्त पदों पर कर्माचिरयों की मांग की 
संघ के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने 3 जून को रेलवे मंत्री को पत्र लिखकर सभी रिक्त पदों पर स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि एसएंडटी विभाग रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। 

प्रकाश ने कहा कि मुझे खुशी है कि हमारी मांग के बाद रेलवे मंत्रालय ने स्थायी नियुक्तियों की घोषणा की, लेकिन संविदा नियुक्ति के लिए पायलट परियोजना भी चल रही है। उन्होंने आगे कहा कि सीआरएस ने बेहद अहम सुरक्षा मुद्दे को उठाया है। रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ तुरंत बंद होना चाहिए और पिछले दरवाजों से निजीकरण बंद होना चाहिए।


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