फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   IRCTC Tatkal Ticket price too high, irctc train late timing

तत्काल टिकट से सबसे ज्यादा परेशान हैं रेल यात्री, लेटलतीफी दूसरे नंबर पर

Wed, 21 Nov 2018 01:47 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 21 Nov 2018 01:47 PM IST
विज्ञापन
IRCTC Tatkal Ticket price too high, irctc train late timing

देश भर में 74 फीसदी रेल यात्री तत्काल टिकट के बढ़ते दामों से परेशान हैं । इसके अलावा ट्रेनों की लेटलतीफी और खराब खाने की वजह से भी लोग रेलवे से नाराज चल रहे हैं, क्योंकि तमाम दावों के बावजूद इनमें किसी तरह का कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। सोशल मीडिया कंपनी लोकल सर्किल द्वारा देश भर के 200 जिलों में करीब 27 हजार से अधिक लोगों से बात करने बाद एक सर्वे तैयार किया है। 

विज्ञापन


इन मुद्दों पर किया गया सर्वे

कंपनी ने जिन मुद्दों पर यह सर्वे किया उनमें खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता, फ्लेक्सी फेयर, ट्रेनों की लेटलतीफी, टिकट रद्दीकरण शुल्क आदि शामिल हैं। 

कम नहीं हो रही है ट्रेनों की लेटलतीफी

सर्वे के अनुसार, पिछले एक साल में रेलवे चाहे जितना भी दावे कर ले कि ट्रेनें सही समय पर चलने लगी है, लेकिन ऐसा धरातल पर सही नहीं है। अभी भी कोहरे के कारण अधिकांश ट्रेनें 1 से लेकर के 12-15 घंटे तक लेट होती हैं। 31 फीसदी यात्री ही केवल ट्रेन सही समय पर चलने की बात कह रहे हैं। 
विज्ञापन


खाने की गुणवत्ता में हुआ मामूली सुधार

सर्वे में 46 फीसदी यात्रियों ने कहा कि खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है। हालांकि लोगों को रेस्टोरेंट जैसा खाना तो नहीं मिल रहा है, लेकिन इसके बाद भी आप इसे खा सकते हैं। 31 फीसदी यात्रियों ने कहा कि खाने की गुणवत्ता पहले से भी और खराब हो गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

तत्काल से कटती है ज्यादा जेब

IRCTC Tatkal Ticket price too high, irctc train late timing
train ticket booking

यात्रियों का कहना है कि तत्काल टिकट को बुक कराने और रद्दीकरण पर उनकी ज्यादा जेब कटती है। 74 फीसदी यात्रियों ने कहा कि तत्काल टिकट का दाम बहुत ज्यादा है। केवल 5 फीसदी लोगों ने कहा कि टिकट का दाम काफी कम है। 

वहीं 80 फीसदी यात्रियों का कहना है रेलवे टिकट रद्दीकरण पर जो शुल्क काटता है वो काफी ज्यादा है। यात्रियों ने रेलवे से कहा है कि वो रद्दीकरण शुल्क को कम करें, जिससे यात्रियों की जेब ज्यादा न कटे। 

सुरक्षा को लेकर भी गंभीर नहीं रेलवे

44 फीसदी यात्रियों का कहना है कि रेलवे सफर के दौरान अभी भी सुरक्षा को लेकर के गंभीर नहीं हुई है। इसका प्रमाण है हादसे, जो लगातार हो रहे हैं। केवल 18 फीसदी यात्रियों का कहना है कि एक साल में कुछ सुधार दिखा है। 

स्वच्छ भारत से साफ-सुथरे हुए स्टेशन

स्वच्छ भारत अभियान से देश के रेलवे स्टेशनों पर साफ सफाई की सुविधा में इजाफा हुआ है। सर्वे में 38 फीसदी यात्रियों ने माना कि स्थिति में काफी सुधार हुआ है। वहीं 39 फीसदी ने कम सुधार, 18 फीसदी ने नहीं हुआ सुधार और 5 फीसदी यात्रियों ने कहा कि साफ सफाई पहले से भी खराब हो गई है। 

61 फीसदी पुरुषों ने लिया भाग

सर्वे में 61 फीसदी पुरुष और 39 फीसदी महिलाओं ने भाग लिया था। इस सर्वे में 48 फीसदी यात्री मेट्रो शहरों से, 30 फीसदी टियर टू शहरों से और 22 फीसदी देश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले यात्रियों ने भाग लिया था।   

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed