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Capex: निजी क्षेत्र का कैपेक्स वित्त वर्ष 2027 में 16.5 फीसदी घटकर 9.55 लाख करोड़ रुपये, जानिए आंकड़ों का हाल

Tue, 24 Mar 2026 07:32 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Tue, 24 Mar 2026 07:32 PM IST
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भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala

एक सरकारी सर्वेक्षण के अनुसार, निजी क्षेत्र द्वारा नई संपत्तियों के अधिग्रहण पर पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2026-27 में 16.5 फीसदी घटकर 9.55 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नई संपत्तियों के अधिग्रहण पर कुल पूंजीगत व्यय 11.43 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है।

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सर्वेक्षण में शामिल 5,366 परिचालन उद्यमों में से 4,203 (लगभग 78.3 फीसदी) ने अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए अपनी पूंजीगत व्यय निवेश योजनाओं की जानकारी दी। उद्यम आमतौर पर भविष्य के लिए ऐसे अनुमानों की रिपोर्टिंग में सतर्क दृष्टिकोण अपनाते हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान वास्तविक पूंजीगत व्यय प्रति उद्यम 173.5 करोड़ रुपये था, जबकि लक्षित 180.2 करोड़ रुपये था। यह 96.3 फीसदी की समग्र प्राप्ति दर को दर्शाता है, जिससे पता चलता है कि वास्तविक व्यय निवेश इरादों के अनुरूप था।
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सर्वेक्षण के अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 48.63 फीसदी उद्यमों की निवेश रणनीति मुख्य संपत्तियों पर केंद्रित थी। वहीं, 38.36 फीसदी ने मौजूदा संपत्तियों में मूल्य वृद्धि के लिए निवेश की योजना बनाई। लगभग 14.54 फीसदी ने अवसरवादी संपत्तियों में निवेश किया, जबकि चार फीसदी से कम ने ऋण-संबंधी रणनीतियों का पालन किया। लगभग एक फीसदी ने संकटग्रस्त संपत्तियों या गैर-निष्पादित ऋणों से संबंधित रणनीतियों का अनुसरण किया।

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पूंजीगत व्यय के उद्देश्य और वित्तपोषण

सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र में लगभग 60.13 फीसदी उद्यमों ने मुख्य रूप से आय सृजन के उद्देश्य से पूंजीगत व्यय किया। जबकि 42.12 फीसदी ने मौजूदा क्षमता के उन्नयन के लिए पूंजीगत व्यय की सूचना दी। लगभग 7.2 फीसदी उद्यमों ने विविधीकरण के उद्देश्य से पूंजीगत व्यय किया। सर्वेक्षण के परिणामों से पता चलता है कि आंतरिक संचय वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पूंजीगत व्यय वित्तपोषण का प्राथमिक स्रोत है, जो कुल निवेश का 65.35 फीसदी है।

वित्तपोषण के अन्य स्रोत और सर्वेक्षण की पृष्ठभूमि

घरेलू ऋण दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है, जिसका योगदान 23.25 फीसदी है। इसके बाद देश के भीतर जुटाई गई इक्विटी 3.78 फीसदी है। बाहरी स्रोतों की भूमिका अपेक्षाकृत कम है, जिसमें 1.04 फीसदी पूंजीगत व्यय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मार्ग से और 2.38 फीसदी विदेशी ऋण के माध्यम से वित्तपोषित होता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र में उद्यमों की पूंजीगत व्यय योजनाओं पर जानकारी एकत्र करने के लिए नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के दौरान पहला सर्वेक्षण किया था। इस पहल की निरंतरता में, सर्वेक्षण का वर्तमान दौर अक्तूबर-दिसंबर 2025 के दौरान आयोजित किया गया था।


 

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