अब निजी रेडियो एफएम चैनल पर सुने जा सकेंगे आकाशवाणी के समाचार
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निजी एफएम रेडियो पर अब श्रोता समाचार भी सुन सकेंगे। केंद्र सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। हालांकि इन एफएम स्टेशन को सरकार की तरफ से तय की गईं कुछ शर्तों का पालन भी करना पड़ेगा। सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने मंगलवार को इसका एलान किया।
यह हैं नियम व शर्तें
निजी एफएम रेडियो कंपनियों को हालांकि सरकार द्वारा तय किए गए नियम व शर्तों को मानना पड़ेगा। निजी एफएम कंपनियों को केवल ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) द्वारा प्रसारित समाचारों का बिना किसी संपादन के प्रसारित करना होगा।
इसके अलावा उन्हें किसी अन्य समाचार और करेंट अफेयर्स संबंधी कार्यकर्मों को ऑन एयर करने की इज़ाज़त भी नहीं होगी। 8 जनवरी से लेकर के 31 मई तक समाचारों का प्रसारण करने की अनुमति फिलहाल दी गई है। एफएम चैनलों को किसी तरह का शुल्क अदा नहीं करना पड़ेगा।
भाषा चुनने की होगी आजादी
राठौड़ ने कहा कि फिलहाल यह योजना ट्रायल बेसिस पर है। वो किस भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) में समाचारों का प्रसारण करना चाहते हैं ये फैसला उन पर है, लेकिन उन्हें समाचारों में किसी भी तरह का बदलाव करने की इजाजत नहीं होगी। एफएम चैनलों को इसके लिए शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा, वो मुफ्त में समाचार साझाकरण योजना के तहत ऑल इंडिया रेडियो के समाचार इस्तेमाल कर पाएंगे।
प्रसार भारती के सीईओ शशिशेखर वेम्पती ने बताया कि करीब 100 एफएम चैनल्स ने आज आकाशवाणी न्यूज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। निजी एफएम पर 30 मिनट का समाचार प्रसारण किया जा सकता है।
परीक्षण काल में नियम और शर्तों के अनुसार, निजी एफएम प्रसारकों से अशांत या सीमा और नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में प्रसारण से बचने को कहा गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि इस कदम से नागरिकों का सशक्तिकरण होगा।