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भगोड़े आर्थिक अध्यादेश को मिली राष्ट्रपति से मंजूरी, अब जब्त हो सकेगी माल्या- नीरव मोदी की संपत्ति

Sun, 22 Apr 2018 11:37 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Apr 2018 11:37 AM IST
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president ram nath kovind signs fugitive economic offender ordinance on sunday

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उस अध्यादेश पर रविवार को हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिससे भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। इससे हाल ही में बैंकों का पैसा लूटकर देश छोड़ने वाले विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे भगोड़े लोगों की संपत्तियों को आसानी से जब्त कर उससे पैसा वसूला जा सकेगा।  

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शनिवार को कैबिनेट ने दी थी मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भगोड़े आर्थिक अपराधी अध्यादेश, 2018 को मंजूरी दे दी थी। बता दें कि मोदी सरकार ने 12 मार्च को भगोड़े आर्थिक अपराधी विधेयक को लोकसभा में पेश किया था, लेकिन सदन में गतिरोध के कारण उसे पारित नहीं कराया जा सका था।
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विदेश भागने वालों पर लागू होगा अध्यादेश
इस अध्यादेश के प्रावधान ऐसे आर्थिक अपराधियों पर लागू होंगे जो विदेश भाग गए हैं और वापस आने से इनकार कर रहे हैं। यह उन व्यक्तियों पर भी अंकुश लगाएगा जिनके खिलाफ किसी अधिसूचित अपराध में वारंट जारी हुआ हो या जिन पर बैंक का 100 रुपये से ज्यादा का लोन बकाया हो।
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अध्यादेश में ऐसे व्यक्तियों को दोषी ठहराए जाने से पहले ही उनकी संपत्ति को जब्त करने की व्यवस्था है ताकि उसे बेचकर बकाएदारों को भुगतान किया जा सके। ऐसे आर्थिक अपराधियों के खिलाफ धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कौन है भगोड़ा आर्थिक अपराधी

president ram nath kovind signs fugitive economic offender ordinance on sunday
नीरव मोदी

इस अध्यादेश के तहत सरकारी स्टांप या करेंसी की नकल करने, फंड की कमी के कारण चेक बाउंस, काले धन को सफेद बनाने और बकाएदारों से लेन-देन में धोखाधड़ी करने वालों को आर्थिक अपराधी माना जाएगा। ऐसे आर्थिक अपराधी जो कानूनी कार्रवाई का सामना करने से बचने के लिए देश छोड़कर चले गए हैं  या विदेश से लौटने से इनकार कर रहे हैं, उन्हें भगोड़ों की श्रेणी में रखा गया है।

कौन घोषित करेगा भगोड़ा

  1. - किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए पीएमएलए, 2002 के तहत नियुक्त निदेशक अथवा उप निदेशक विदेश अदालत में आवेदन देगा।
  2. - इस आवेदन में उन कारणों का उल्लेख करना होगा जिनके आधार पर किसी व्यक्ति को भगोड़ा घोषित किया जाना है। 
  3. - आवेदन में ऐसे व्यक्ति का संभावित पता होना चाहिए। अपराध से अर्जित उसकी परिसंपत्तियों की सूची होनी चाहिए जिन्हें जब्त किया जाना है इन परिसंपत्तियों में दिलचस्पी रखने वाले व्यक्तियों का ब्योरा भी होना चाहिए।
  4. - आवेदन प्राप्त होने के बाद विशेष अदालत उस व्यक्ति को नोटिस जारी करेगी, जिसमें पेशी की तारीख और स्थान का उल्लेख होगा। अगर वह छह हफ्ते के अंदर पेश हो जाता है, तो इस अध्यादेश के तहत उसके खिलाफ कार्यवाही खत्म कर दी जाएगी।
  5. - भगोड़े आर्थिक अपराधी की किसी भी संपत्ति को बिना कोर्ट की अनुमति के भी जब्त किया जा सकता है बशर्ते उसके 30 दिन के अंदर अदालत में आवेदन दाखिल कर दिया जाए।
  6. - विशेष अदालत के किसी भी फैसले के खिलाफ अपील सिर्फ हाईकोर्ट में ही की जा सकती है।
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