11:51 AM, 11-Jun-2020
पीएम मोदी ने कहा कि गुरुवर टैगौर ने अपनी कविता 'नूतोन जुगेर भोर' में कहा है-
'चोलाय चोलाय बाजबे जोयेर मेरी,
पाएर बेगेई पोथ केटे जाय कोरिश ना आर देरी' यानी
'हर आगे बढ़ने वाले कदम पर घोषनाद होगा।
दौड़ते पांव ही नया रास्ता बना देंगे।
अब देरी मत करो।'
11:50 AM, 11-Jun-2020
ये समय अवसर को पहचानने का है, खुद को आजमाने का है और नई बुलंदियों की ओर जाने का है। ये अगर सबसे बड़ा संकट है, तो हमें इससे सबसे बड़ी सीख लेते हुए, इसका पूरा लाभ भी उठाना चाहिए।
11:48 AM, 11-Jun-2020
देश में ही सोलर पैनल की मैन्युफैक्चरिंग, पावर स्टोरेज क्षमता बढाने के लिए बेहतर बटरी के R&D और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करें। जो इस काम में जुटे हैं, ऐसे संस्थानों की, एमएसएमई की हैंड होल्डिंग करें।
11:44 AM, 11-Jun-2020
पीपल सेंट्रिक, पीपल ड्रिवेन और प्लेनेट फ्रेंडली डेवलपमेंट की अप्रोच अब देश में शासन का हिस्सा बन गई है। आप ये जानते ही हैं कि GeM प्लेटफॉर्म पर छोटे-छोटे सेल्फ हेल्प ग्रुप, एमएसएमई, सीधे भारत सरकार को अपने उत्पाद और अपनी सुविधाएं उपलब्ध करा सकते हैं।
11:42 AM, 11-Jun-2020
भारत में एक और अभियान अभी चल रहा है- देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का। इसमें लोग, प्लैनेट और प्रॉफिट तीनों ही विषय आते हैं। विशेषकर पश्चिम बंगाल के लिए तो ये बहुत ही फायदेमंद है। इससे आपके यहां जूट का कारोबार बढ़ने की संभावना बढ़ती है।
11:38 AM, 11-Jun-2020
लोग, प्लैनेट और प्रॉफिट एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। ये तीनों एक साथ विकास कर सकते हैं, एक साथ काम कर सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि, इसे मैं आपको कुछ उदाहरण देकर समझाता हूं। जैसे एलईडी बल्ब। पांच से छह वर्ष पहले एक एलईडी बल्ब साढ़े तीन सौ रुपये से भी ज्यादा में मिलता था। आज प्रतिवर्ष देशवासियों के करीब-करीब 19 हजार करोड़ रुपये बिजली के बिल में, एलईडी की वजह से बच रहे हैं। ये बचत गरीब को हुई है, ये बचत देश के मध्यम वर्ग को हुई है।
11:37 AM, 11-Jun-2020
मैन्यूफैक्चरिंग में बंगाल की ऐतिहासिक श्रेष्ठता को हमें पुनर्जीवित करना होगा। हम हमेशा सुनते आए हैं 'बंगाल जो आज सोचता है, वो भारत कल सोचता है।' हमें इससे प्रेरणा लेते हुए हमें आगे बढ़ना होगा।
11:36 AM, 11-Jun-2020
आप सभी नॉर्थ ईस्ट, पूर्वी भारत में इतने दशकों से काम कर रहे हैं। सरकार ने जो तमाम कदम उठाए हैं, इनका बहुत बड़ा लाभ पूर्व और उत्तर-पूर्व के लोगों को होगा। मैं समझता हूं कि कोलकाता भी खुद फिर से एक बहुत बड़ा लीडर बन सकता है।
11:36 AM, 11-Jun-2020
इसके साथ ही बांस और जैविक उत्पाद के लिए भी क्लस्टर्स बनेंगे। सिक्किम की तरह पूरा नॉर्थ ईस्ट, ऑर्गैनिक खेती के लिए बहुत बड़ा हब बन सकता है। ऑर्गैनिक कैपिटल बन सकता है।
11:33 AM, 11-Jun-2020
स्थानीय उत्पाद के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड अप्रोच को अब भारत में बढ़ावा दिया जा रहा है, उसमें भी सभी के लिए अवसर ही अवसर हैं। जिन जिलों, जिन ब्लॉक्स में जो पैदा होता है, वहीं आसपास इनसे जुड़े क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।