{"_id":"5c55818cbdec2226154d0d6b","slug":"pm-economic-council-to-conduct-fresh-survey-on-job-creation","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेरोजगारी के आंकड़ों से परेशान सरकार दुबारा से कराएगी रोजगार पर नया सर्वेक्षण","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
बेरोजगारी के आंकड़ों से परेशान सरकार दुबारा से कराएगी रोजगार पर नया सर्वेक्षण
Sat, 02 Feb 2019 05:09 PM IST
paliwal पालीवाल
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Sat, 02 Feb 2019 05:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार रोजगार पर नया राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) कराएगी। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के प्रमुख विवेक देबराय ने कहा है कि इस नए सर्वे में उल्लेखनीय रूप से रोजगार सृजन दिखाई देगा।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के फेसबुक पेज पर डाले वीडियो क्लिप में देबराय ने कहा कि नौकिरयां, रोजगार, कारोबारी वातावरण का एक बड़ा हिस्सा राज्यों के तहत आता है। देबराय ने कहा, ‘‘हम एनएसएस का नया दौर शुरू करेंगे, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी। मुझे भरोसा है कि उस सर्वे में यह दिखाई देगा कि काफी रोजगार और व्यापक स्तर पर रोजगार का सृजन हुआ है।’’
विज्ञापन
देबराय ने पीटीआई-भाषा को स्पष्ट किया है कि उनका वीडियो दो सप्ताह पहले शूट किया गया था। इस वीडियो संदेश में उन्होंने कहा था कि भारत के पास 2011-12 के बाद रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस सांख्यिकी आंकड़ा नहीं है।
विज्ञापन
पीएमईएसी चेयरमैन ने कहा कि भारतीय श्रम बल अब भी अनौपचारिक और असंगठित क्षेत्र में है। ‘‘उद्यम सर्वे में भारत के रोजगार क्षेत्र में क्या हो रहा है उसके बारे में बहुत सही समझ पैदा नहीं करता है।’’
देबराय ने कहा कि वास्तविक मुद्दा रोजगार की संख्या नहीं बल्कि रोजगार की गुणवत्ता तथा वेतन की दर है।
उन्होंने इस बात को भी नोट किया कि सरकार सीमित संख्या में ही रोजगार उपलब्ध कर सकती है इसलिये बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन सरकार की नौकरियों से बाहर होना चाहिये। ‘‘मोदी सरकार संभवत: यही कर रही है जिसमें स्व-रोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है।