जनता के गुस्से से घबराई सरकार, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर आज ले सकती है फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम जनता को पेट्रोल-डीजल की बढ़ती हुई कीमतों पर बड़ी राहत मिल सकती है। दोपहर बाद 3.30 बजे इंडियन ऑयल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है। इस प्रेस क्रॉन्फ्रेस के बाद शाम 5 बजे पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तेल कंपनियों के चेयरमैन के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में सरकार एक्साइज ड्यूटी और वैट घटाने को लेकर के बड़ा ऐलान कर सकती है।
14 मई से लगातार बढ़ रही हैं कीमतें
तेल कंपनियां लगातार नौ दिन से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि कर रही हैं। देश भर में पेट्रोल 84 रुपये के करीब पहुंच गया है। वहीं डीजल के दाम भी 72 रुपये के पार चले गये हैं। शाम पांच बजे के बाद सरकार इसका ऐलान कर सकती है।
कच्चे तेल के दामों में लगी है आग
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में आग लगी हुई है। क्रूड ऑयल के दाम 83 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गए हैं। वहीं देश में सरकार टैक्स और वैट के तौर पर जितनी कमाई कर रही है, उससे भी देश भर में पड़ोसी देशों की तुलना में इनकी कीमत सबसे ज्यादा है। पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें सीधे तौर पर कच्चे तेल से जुड़ी हुई हैं। ओपेक देशों ने सप्लाई काफी कम कर दी है। अगर केंद्र व राज्य सरकारें ड्यूटी व वैट में कमी कर दें, तो फिर आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है।
Fuel prices are directly linked to crude oil. OPEC countries have reduced supplies. We don't have any say to bring down price., We can only reduce VAT of state taxes & central taxes, that is only way to reduce the price: Ajay Bansal, President, Petrol Pump Dealers' Association. pic.twitter.com/FKT05XzLpO
— ANI (@ANI) May 22, 2018
दिल्ली में 76 के पार हुआ पेट्रोल
दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की क़ीमत 76.87 हो गई है जबकि डीजल 68.08 हो गया है। पेट्रोल में 30 पैसे जबकि डीजल की क़ीमतों में 26 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। कहा जा रहा है कि अब चुनावी मौसम है और इस साल के अंत में देश में तीन महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने और इन राज्यों में बीजेपी की सरकार है। केंद्र सरकार ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसलिए दाम कम रखने के लिए सरकार को मजबूर होना पड़ रहा है ताकि वह चुनाव में लोगों की नाराजगी का सामना न करे।