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Nvidia: एनवीडिया को चीन में H20 AI कंप्यूटर चिप्स बेचने के लिए अमेरिका की मंजूरी मिली, सीईओ का दावा
Tue, 15 Jul 2025 12:30 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:30 PM IST
सार
Nvidia AI Chips: एनवीडिया को एआई को तेजी से अपनाने से भारी मुनाफा हुआ है। पिछले हफ्ते यह 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की बाजार मूल्य वाली पहली कंपनी बन गई है। अब कंपनी के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने दावा किया है कि उनकी कंपनी को चीन में H20 AI कंप्यूटर चिप्स बेचने की मंजूरी ट्रंप प्रशासन से मिल गई है। आइए इस बारे में जानें।
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जेन्सन हुआंग
- फोटो : Nvidia
विस्तार
प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनवीडिया को चीन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करने में इस्तेमाल होने वाले अपने उन्नत एच20 कंप्यूटर चिप्स बेचने के लिए ट्रम्प प्रशासन से मंजूरी मिल गई है। एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने यह दावा किया है।
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यह खबर सोमवार देर रात कंपनी के ब्लॉग पोस्ट में आई और हुआंग ने एक्स पर पर भी इसका जिक्र किया। हुआंग ने चीन के सरकारी सीजीटीएन टेलीविजन नेटवर्क पर भी इस बारे में बात की। उन्होंने कहा कि, “दुनिया के सबसे अधिक एआई शोधकर्ता चीन में हैं।"
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उन्होंने कहा कि चीन में यह इतना नवीन और गतिशील है कि यह वास्तव में जरूरी है कि अमेरिकी कंपनियां चीन में प्रतिस्पर्धा करने और बाजार की सेवा करने में सक्षम हों। हुआंग ने हाल ही में ट्रम्प और अन्य अमेरिकी नीति निर्माताओं से मुलाकात की थी और इस सप्ताह वे आपूर्ति शृंखला सम्मेलन में भाग लेने और चीनी अधिकारियों से बात करने के लिए बीजिंग में हैं।
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प्रसारण के दौरान हुआंग को चाइना काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के प्रमुख रेन होंगबिन से मिलते हुए दिखाया गया, जो चाइना इंटरनेशनल सप्लाई चेन एक्सपो के मेज़बान हैं, जिसमें हुआंग भी शामिल थे। इस कार्यक्रम में एनवीडिया एक प्रेजेंटर के तौर पर शामिल हुआ।
एनवीडिया को एआई को तेजी से अपनाने से भारी मुनाफ़ा हुआ है। पिछले हफ्ते यह 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की बाजार मूल्य वाली पहली कंपनी बन गई है। हालांकि, अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता इस उद्योग पर भारी पड़ रही है।
वाशिंगटन वर्षों से चीन को उन्नत तकनीक के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा करता रहा है, इस चिंता का हवाला देते हुए कि नागरिक उपयोग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। जनवरी में चीन के डीपसीक एआई चैटबॉट के उभरने से इस बात पर चिंताएँ फिर से बढ़ गईं कि चीन अपनी एआई क्षमताओं को विकसित करने में मदद के लिए उन्नत चिप्स का इस्तेमाल कैसे कर सकता है।
जनवरी में, ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से पहले, राष्ट्रपति जो बिडेन के प्रशासन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले उन्नत कंप्यूटर चिप्स के निर्यात के लिए एक नया ढांचा शुरू किया, जो उत्पादकों और अन्य देशों के आर्थिक हितों के साथ प्रौद्योगिकी के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को संतुलित करने का एक प्रयास था।
व्हाइट हाउस ने अप्रैल में घोषणा की थी कि वह चीन को एनवीडिया के एच20 चिप्स और एएमडी के एमआई308 चिप्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाएगा। एनवीडिया ने कहा था कि कड़े निर्यात नियंत्रणों से कंपनी को 5.5 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त नुकसान होगा, और हुआंग और अन्य प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर इन प्रतिबंधों को हटाने के लिए दबाव डाल रहे हैं।
उनका तर्क है कि इस तरह की सीमाएं दुनिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी बाजारों में से एक, एक अग्रणी क्षेत्र में अमेरिकी प्रतिस्पर्धा की राह में बाधा डालती हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अमेरिकी निर्यात नियंत्रण के कारण अन्य देश चीन की एआई प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ सकते हैं।