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जीएसटी रिटर्न दाखिल न करने पर जब्त हो सकती है संपत्ति, बैंक खातेः सीबीआईसी
Fri, 27 Dec 2019 01:12 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Fri, 27 Dec 2019 01:12 PM IST
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सरकार अब जीएसटी रिटर्न दाखिल न करने वाले कारोबारियों पर सख्ती करने जा रही है। अब समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की संपत्ति और बैंक खातों को जब्त किया जा सकता है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) ने इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने कहा है कि मानक संचालनप्रक्रिया के तहत जीएसटी कानून की धारा 83के तहत संपत्ति को कुर्क किया जा सकता है।
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वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस रैकेट के मुख्य अभियुक्त को एक स्थानीय अदालत ने 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों ने कई कंपनियां बनाईं और इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इसमें कहा गया, ‘इन घपले में अभी तक 120 इकाइयों की लिप्तता सामने आई है। 1,600 करोड़ रुपये की फर्जी इनवॉयस जारी की गईं और 241 करोड़ रुपये की कर चोरी हुई।’
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रद्द हो जाएगा पंजीकरण
अगर कोई कारोबारी निर्धारित अवधि में रिटर्न फाइल नहीं करता है तो फिर उसका पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। हालांकि सरकार ने निर्धारित समय सीमा की अवधि को तय नहीं किया है। इस धारा के मुताबिक कमिश्नर किसी भी संपत्ति को असेसी के बैंक खाते सहित कुर्क कर सकता है। इसके लिए उसे संपत्ति के विवरणों का उल्लेख करते हुए निर्दिष्ट रूप में एक आदेश जारी करना होगा। यह कार्रवाई नोटिस प्राप्त करने के बाद भी 15 दिनों में रिटर्न दाखिल न करने पर होगी।
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जीएसटी में 241 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा
जीएसटी अधिकारियों ने 1,600 करोड़ रुपये की फर्जी इनवॉयस से जुड़े एक रैकेट का खुलासा किया है, जिससे 241 करोड़ रुपये की कर चोरी को अंजाम दिया गया। बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। सीजीएसटी दिल्ली दक्षिण आयुक्त कार्यालय की चोरी-रोधी इकाई ने इस रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
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वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस रैकेट के मुख्य अभियुक्त को एक स्थानीय अदालत ने 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों ने कई कंपनियां बनाईं और इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इसमें कहा गया, ‘इन घपले में अभी तक 120 इकाइयों की लिप्तता सामने आई है। 1,600 करोड़ रुपये की फर्जी इनवॉयस जारी की गईं और 241 करोड़ रुपये की कर चोरी हुई।’