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नोमुरा ने घटाया जीडीपी ग्रोथ अनुमान: महंगाई बढ़ने को लेकर जाहिर की चिंता, कच्चे तेल को लेकर जताई ये उम्मीद

Mon, 14 Mar 2022 04:35 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Mon, 14 Mar 2022 04:35 PM IST
सार

Nomura Lowered Forecast For India's GDP Growth: महंगाई की मार और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पनपे हालातों के बीच ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को संशोधित करते हुए घटा दिया है। महंगाई को लेकर चिंता जाहिर करते हुए नोमुरा ने वित्त वर्ष (2022-23) के लिए ग्रोथ अनुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया है। 
 

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Nomura lowered its forecast for GDP growth in India in FY23 Expressed concern about inflation crude oil
अर्थव्यवस्था जीडीपी - फोटो : pixabay

विस्तार

महंगाई की मार और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पनपे हालातों का असर भारत समेत दुनिया के तमाम देशों पर दिखने लगा है। भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने बढ़ती चुनौतियों के बीच ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को संशोधित करते हुए घटा दिया है। महंगाई को लेकर चिंता जाहिर करते हुए नोमुरा ने वित्त वर्ष (2022-23) के लिए ग्रोथ अनुमान को घटाकर 6.5 फीसदी कर दिया है। 

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इसके साथ ही नोमुरा ने अगले वित्त वर्ष के लिए अपने महंगाई के अनुमानको भी बढ़ाकर 6.3 फीसदी कर दिया है। बता दें कि ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने इससे पहले महंगाई का अनुमसान 5.9 फीसदी जताया था। कंपनी की ओर से चेतावनी देते हुए कहा गया कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो अगले वित्त वर्ष औसत महंगाई 7 फीसदी तक बढ़ सकती है। नोमुरा ने अपने अनुमान को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के आधार पर संशोधित किया है। गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत का तकरीबन 85 फीसदी तेल आयात करता है।
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नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस साल तेल की औसत कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है। यहां बता दें कि कंपनी ने इससे पहले कच्चे तेल के 88 डॉलर प्रति बैरल पर रहने का अनुमान जताया था। लेकिन, अब जबकि कच्चे तेल ने बीते दिनों 2008 के आंकड़े को पार करते हुए 139 डॉलर प्रति बैरल का स्तर छुआ था, तो इसे ध्यान में रखते हुए नोमुरा ने कहा कि अगर यूक्रेन संकट और अधिक बढ़ता है तो इस साल कच्चे तेल की औसत कीमत 125 डॉलर प्रति बैरल तक रह सकती है।
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पिछले महीने के अंत में जारी आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद में उम्मीद से कम 5.4 प्रतिशत का विस्तार हुआ। देश की तीसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर 5.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। सितंबर 2021 तिमाही में ग्रोथ रेट 8.4 फीसदी रहा था, जबकि अप्रैल-जून 2021 में ग्रोथ रेट 20.1 फीसदी रहा था। गौरतलब है कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में 8 से 8.5 फीसदी की तेजी आ सकती है। चालू वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान 9.2 फीसदी तय किया गया है। 

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