{"_id":"679e1b170c7f27c46f00d64c","slug":"no-immediate-upgrade-of-india-s-sovereign-rating-moody-s-2025-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moody’s: भारत के बजट पर मूडीज की प्रतिक्रिया, कहा- रेटिंग पर कोई फर्क नहीं, कर्ज के बोझ को कम करने की जरूरत","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Moody’s: भारत के बजट पर मूडीज की प्रतिक्रिया, कहा- रेटिंग पर कोई फर्क नहीं, कर्ज के बोझ को कम करने की जरूरत
Sat, 01 Feb 2025 06:31 PM IST
निर्मल कांत
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 01 Feb 2025 06:31 PM IST
सार
Moody’s: मूडीज ने कहा कि भारत की सॉवरेन रेटिंग को तुरंत अपग्रेड नहीं किया जाएगा, क्योंकि सरकार के वित्तीय प्रबंधन और घाटे को कम करने के प्रयासों के बावजूद कर्ज का बोझ और ऋण सेवा खर्च अभी भी अधिक है। मूडीज ने भारत की आर्थिक वृद्धि को सकारात्मक बताया, लेकिन बाहरी कारणों से महंगाई दर के प्रभावित होने की संभावना जताई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
रेटिंग एजेंसी 'मूडीज' ने शनिवार को कहा कि भारत की सॉवरेन रेटिंग को तुरंत अपग्रेड नहीं किया जाएगा। हालांकि, सरकार वित्तीय प्रबंधन को सही दिशा में ले जाने और वित्तीय घाटे को 2025-26 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 फीसदी तक घटाने का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन
मूडीज के उपाध्यक्ष क्रिश्चियन डी गुजमैन ने कहा, हम सरकार के वित्तीय अनुशासन और घाटे को कम करने के प्रयासों को सकारात्मक मानते हैं। लेकिन ये सुधार अभी सॉवरेन रेटिंग को अपग्रेड करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। मूडीज अभी भारत की सॉवरेन रेटिंग को 'बीएए3' पर बनाए रखे हुए है, जो कि निवेश की सबसे निचली श्रेणी की रेटिंग है।
विज्ञापन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में वित्त वर्ष 2025 के लिए 4.8 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 के लिए 4.4 फीसदी के वित्तीय घाटे का अनुमान लगाया है। मूडीज ने कहा कि रेटिंग अपग्रेड करने के लिए कर्ज का बोझ कम करना और अधिक राजस्व पैदा करने के उपायों की जरूरत है। इसके अलावा, ऋण सेवा पर व्यय सरकार के बजट का सबसे बड़ा हिस्सा बना हुआ है।
विज्ञापन
मूडीज ने भारत के विकास के दृष्टिकोण को सकारात्मक माना और कहा कि भारत आने वाले वर्षों में जी20 देशों में सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था हो सकती है। हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने तेल की कीमतें, मुद्रा अस्थिरता और खाद्य मूल्य परिवर्तन जैसे बाहरी कारणों से भारत की महंगाई दर के प्रभावित होने की आशंका जताई।
संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन