म्युचुअल फंड में मिलने वाले रिटर्न की नहीं कर सकते बैंक से तुलना, बिटक्वाइन पर बनेंगे नियमः सेबी चीफ
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रिटेल निवेशकों के लिए म्युचुअल फंड में मिलने वाले रिटर्न की तुलना बैंकों में डिपॉजिट करने पर मिलने वाले रिटर्न से कभी तुलना नहीं की जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि म्युचुअल फंड में मिलने वाले रिटर्न में काफी जोखिम होता है। वहीं बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी पर जल्द नए नियम बनेंगे।
छोटे निवेशकों के लिए के लिए अच्छा विकल्प
शेयर बाजार रेग्यूलेटर सेबी के अध्यक्ष अजय त्यागी ने कहा कि म्युचुअल फंड छोटे निवेशकों के लिए स्टॉक मार्केट में निवेश करने का बढ़िया विकल्प है। हालांकि इसमें मिलने वाले रिटर्न की तुलना अगर बैंक डिपॉजिट के रिटर्न से करते हैं तो फिर यह गलत होगा। बैंकों में रिटर्न फिक्स होता है, जबकि म्युचुअल फंड में यह शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है।
देश में 42 म्युचुअल फंड कंपनियां
देश में इस वक्त 42 म्युचुअल फंड कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनका असेट अंडर मैनेजमेंट 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है। अभी सेबी ने इन कंपनियों को अलग-अलग प्लान को एक करने के लिए कहा है।
क्रिप्टोकरेंसी पर जल्द बनेंगे नियम
त्यागी ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी को सरकार द्वारा अवैध किए जाने के बाद सेबी जल्द ही इस पर नए नियम बनाने जा रहा है। बजट पेश होने के अगले दिन ही सेबी ने डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स को जल्द ही मीटिंग करने के लिए कहा था। हम चाहते हैं कि सबसे पहले इस पर एक पॉलिसी बने और कौन इसके लिए रेग्यूलेटर बनेगा, इस पर फैसला हो।
सरकार ने बना रखी है कमेटी
वर्चुअल करेंसी पर सरकार ने एक कमेटी बना रखी है जो इसके हर पहलू पर नजर रख रही है। कमेटी जो भी अपनी फाइनल रिपोर्ट देगी, उसके बाद ही सरकार अपनी क्रिप्टोकरेंसी को लॉन्च करने पर फैसला लेगी।