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Nepal: 'चुनाव कराने के बाद सरकार शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण करेगी', बोलीं पीएम सुशीला कार्की

Fri, 17 Oct 2025 10:58 PM IST
कुमार विवेक वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 17 Oct 2025 10:58 PM IST
सार

Nepal PM: नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शुक्रवार को कहा है कि उनकी कार्यवाहक सरकार निर्धारित समय के भीतर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में आम चुनाव कराने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण करेगी। उन्होंने आगे क्या कहा, आइए जानें।

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Nepal: After holding elections, the government will transfer power peacefully, said PM Sushila Karki
सुशीला कार्की, अंतरिम प्रधानमंत्री, नेपाल - फोटो : ANI

विस्तार

नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शुक्रवार को कहा है कि उनकी कार्यवाहक सरकार निर्धारित समय के भीतर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में आम चुनाव कराने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण करेगी। 73 वर्षीय कार्की पिछले महीने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के मुद्दे पर युवाओं के नेतृत्व में 'जेन जेड' द्वारा सरकार के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पद से हटा दिया गया था।

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कार्की ने काठमांडू स्थित विदेशी राजनयिकों, राजदूतों और विकास साझेदारों से कहा, "इस गैर-राजनीतिक कार्यवाहक सरकार का एकमात्र उद्देश्य 5 मार्च, 2026 की निर्धारित समयावधि के भीतर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में प्रतिनिधि सभा के चुनाव कराना है।"
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उन्होंने कहा, "इसके बाद हम शांतिपूर्ण तरीके से निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंप देंगे।" नेपाल के शीर्ष निर्वाचन निकाय ने प्रतिनिधि सभा के चुनाव के कार्यक्रम को पहले ही मंजूरी दे दी है, जो 5 मार्च, 2026 को निर्धारित है। इस बातचीत के दौरान भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव सहित विभिन्न देशों के काठमांडू स्थित राजदूत उपस्थित थे।
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प्रधानमंत्री कार्की, जो विदेश मंत्री का भी कार्यभार संभाल रहे हैं, ने दूतों को जेन-जेड आंदोलन के बाद नेपाल में हुए राजनीतिक विकास, उसकी चुनौतियों और अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यवाहक सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी राजनीतिक रूप से नाजुक देश में स्थिरता बनाए रखते हुए आगामी चुनावों को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराना है।

उन्होंने कहा, "इस आंदोलन ने लोगों के मन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के प्रति उत्साह की भावना पैदा की है।" उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार आगामी चुनाव में विदेशों में रहने वाले नेपालियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के तरीकों पर विचार-विमर्श कर रही है। जनरेशन-जेड के युवाओं से लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत करने का आग्रह करते हुए, कार्की ने राजनीतिक दलों से युवा पीढ़ी की भावनाओं को समझने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि सरकार देश से भ्रष्टाचार के मामलों की लंबित फाइलें खोल रही है ताकि ऐसी प्रथाओं को समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच आयोग हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई आगजनी और तोड़फोड़ की जांच करने की दिशा में भी काम कर रहा है।


इस बीच, नेपाल सेना ने शुक्रवार को कहा कि आंदोलन के पहले दिन 8 सितंबर को जेन जेड विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में 22 युवक मारे गए थे और 9 सितंबर को 54 लोग मारे गए थे। पीड़ितों में तीन पुलिस अधिकारी थे, 10 कैदी थे। उनकी जेल से भागने की घटना में मौत हो गई थी। 41 अन्य लोग सरकारी और निजी संपत्तियों में आगजनी व तोड़फोड़ के कारण मारे गए थे। इसके अलावा ग्यारह शव पूरी तरह से जल गए थे जो आज तक अज्ञात हैं।

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