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NCLT: एनसीएलटी ने इरेडा की दिवालियापन याचिका पर जेनसोल इंजीनियरिंग को जारी किया नोटिस, जानें पूरा मामला
Fri, 16 May 2025 07:28 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 16 May 2025 07:28 PM IST
सार
NCLT: भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) की याचिका दिवालियापन न्यायाधिकरण एनसीएलटी की अहमदाबाद स्थित दो सदस्यीय पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। न्यायिक सदस्य शम्मी खान और तकनीकी सदस्य संजीव कुमार शर्मा की पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए 3 जून को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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जेनसोल इंजीनियरिंग
- फोटो : जेनसोलईवी.कॉम
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विस्तार
एनसीएलटी ने शुक्रवार को जेनसोल इंजीनियरिंग को नोटिस जारी कर भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा दायर दिवाला याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले को सुनवाई के लिए तीन जून को सूचीबद्ध किया।
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भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) की याचिका दिवालियापन न्यायाधिकरण एनसीएलटी की अहमदाबाद स्थित दो सदस्यीय पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। न्यायिक सदस्य शम्मी खान और तकनीकी सदस्य संजीव कुमार शर्मा की पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए 3 जून को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
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कार्यवाही के दौरान, इरेडा ने पीठ से अनुरोध किया कि वह कंपनी का कार्यभार संभालने के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) नियुक्त करे, क्योंकि बाजार नियामक सेबी द्वारा पारित आदेश के बाद शीर्ष नेतृत्व कंपनी से बाहर हो गया है। हालांकि, पीठ ने इससे इनकार कर दिया।
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राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) जेनसोल इंजीनियरिंग के वित्तीय ऋणदाता इरेडा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें 510 करोड़ रुपये के चूक का दावा किया गया था। जेनसोल की मुश्किलें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा 15 अप्रैल को पारित अंतरिम आदेश के बाद शुरू हुईं, जब उसने फंड डायवर्जन और गवर्नेंस लैप्स मामले में जेनसोल इंजीनियरिंग और प्रमोटरों - अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी - को अगले आदेश तक प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया।
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 12 मई को बाजार नियामक सेबी के अंतरिम आदेश के बाद जग्गी बंधुओं ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया। अनमोल सिंह जग्गी प्रबंध निदेशक के पद पर थे, जबकि पुनीत सिंह जग्गी पूर्णकालिक निदेशक थे।
जेनसोल इंजीनियरिंग ने बुधवार को कहा कि प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने उसकी अपील का निपटारा कर दिया है, लेकिन कंपनी को प्रतिभूति बाजार से फर्म और उसके प्रवर्तकों पर प्रतिबंध लगाने के सेबी के अंतरिम आदेश पर अपना जवाब दाखिल करने की अनुमति दी है।