फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Jet Airways: Naresh Goyal started his first job with 300 rupees

जेट एयरवेजः ऐसे शुरू की थी नरेश गोयल ने कंपनी, एक रुपये की लड़ाई में हार गए

Tue, 26 Mar 2019 12:05 PM IST
अभिषेक त्यागी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: अभिषेक त्यागी Updated Tue, 26 Mar 2019 12:05 PM IST
विज्ञापन
Jet Airways: Naresh Goyal started his first job with 300 rupees
जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल - फोटो : PTI

जेट एयरवेज को खड़ा करके उसे एक समय में भारतीय विमानन कंपनियों का सरताज बनाने वाले और फिर अर्श से फर्श पर लाने वाले नरेश गोयल की कहानी भी अपने आप में किसी फिल्म से कम नहीं है। दिल्ली से अपने करियर की शुरुआत करने वाले नरेश गोयल बाद में मुंबई में शिफ्ट हो गए थे। हालांकि यह केवल अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी से एक रुपये की लड़ाई हार गए, जिसका खामियाजा जेट के कर्मचारियों को भी भुगतना पड़ा। 

विज्ञापन

300 रुपये से शुरू की थी नौकरी

नरेश गोयल का जन्म पंजाब के पटियाला जिले में हुआ था। 1967 में नरेश गोयल दिल्ली आकर बस गए थे।  बचपन से लेकर के जवानी तक नरेश गोयल का जीवन गरीबी में बिता था। तब दो वक्त के लिए  रोटी की जुगाड़ करना भी उनके लिए काफी दिक्कत भरा होता था।

विज्ञापन


उनके मामा की कनॉट प्लेस में एक ट्रेवल एजेंसी हुआ करती थी। वहीं पर उन्होंने 300 रुपये के मासिक वेतन पर अपनी नौकरी शुरू की थी। वहां पर वो खाड़ी देशों की उड़ानों की टिकट बुक करने लगे थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

1974 में शुरू की थी जेट एयर

नरेश गोयल ने 1974 में अपनी खुद की ट्रेवल एजेंसी जेट एयर को शुरू किया था। 1993 में ट्रेवल एजेंसी को बंद करने के बाद उन्होंने जेट एयरवेज की नींव रखी। तब उनके पास केवल दो बोइंग 737-300 विमान थे। इसका प्रयोग वो चार्टेड फ्लाइट के तौर पर देखते थे।  2002 में जेट एयरवेज ने मार्केट शेयर में एयर इंडिया को भी पीछे कर दिया। 

Jet Airways: Naresh Goyal started his first job with 300 rupees
जेट एयरवेज (फाइल फोटो)

सहारा को खरीदा, 2012 में बिगड़ने शुरू हुए हालात

जेट एयरवेज के हालात 2002 से लेकर के 2011 तक काफी सही थे। उसने इस बीच में शेयर मार्केट में आईपीओ लांच किया, वहीं सहारा एयरलाइन को 2250 करोड़ रुपये में खरीद लिया। इससे उसको 27 विमान, 12 फीसदी मार्केट शेयर और कई सारे अंतरराष्ट्रीय रूट भी मिले। हालांकि जुलाई 2012 में इंडिगो ने मार्केट शेयर में काफी बढ़ोतरी कर ली। इसी बीच 2013 में एतिहाद ने जेट एयरवेज में 24 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीद ली थी। 

जेट को होने लगा नुकसान

इंडिगो से प्रतिस्पर्धा के चलते जेट एयरवेज को काफी नुकसान होने लगा था। जेट का किराया इंडिगो के मुकाबले एक रुपया प्रति किलोमीटर ज्यादा था। 2015 में जेट एयरवेज इंडिगो के सस्ते टिकट बेचने के ऑफर को बर्दाश्त नहीं कर पाई। जेट एयरवेज को इंडिगो के मुकाबले हर सीट पर प्रति किलोमीटर सिर्फ 50 पैसे ज्यादा कमाई हो रही थी। 

बिगड़ने लगे हालात

कंपनी के बस इसके बाद से हालात काफी बिगड़ने लगे थे। नवंबर 2018 से लेकर के अब तक जेट एयरवेज का शेयर गिरता गया। कंपनी को नवंबर में तीसरी बार तिमाही नतीजों में नुकसान उठाना पड़ा। 22 नवंबर 218 को कंपनी स्वतंत्र निदेशक रंजन मथाई ने इस्तीफा दे दिया था। तब से ही कर्मचारियों को वेतन मिलने में देरी होने लगी थी। 

इस साल की शुरुआत में कंपनी अपना लोन भी तय समय पर नहीं चुका पाई थी। गोयल ने एतिहाद से  750 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए कहा था। लेकिन इसके बाद भी बात नहीं बनी और 25 मार्च को जेट एयरवेज के चेयरमैन पद से नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनिता को इस्तीफा देना पड़ा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed