हर भारतीय कारोबारी में है धीरूभाई-बिल गेट्स बनने की ताकत: मुकेश अंबानी
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सोमवार कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। इसमें मुझे कोई शक नहीं है। उन्होंने कहा कि बहस इस पर हो सकती है कि हम यह लक्ष्य पांच साल में हासिल करेंगे या इसमें 10 साल लगेंगे।
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माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला की भारत यात्रा के मौके पर आयोजित ‘फ्यूचर डिकोडेड सीईओ सम्मेलन’ में अंबानी ने कहा कि भारत ‘प्रमुख डिजिटल समाज’ बनने की दिशा में बढ़ रहा है। इस बड़े बदलाव में मोबाइल नेटवर्क का फैलाव प्रमुख भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा, ‘शुरुआती दिनों में टीसीएस और इन्फोसिस ने प्रौद्योगिकी को प्रभावित किया, जिससे वित्तीय और आर्थिक सुधारों में तेजी आई। 2014 में इसकी रफ्तार और बढ़ी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें ‘डिजिटल इंडिया’ का सपना दिखाया। 2016 में जियो को लॉन्च कर मैंने भी छोटा योगदान दिया। तब से अब तक 38 करोड़ लोग जियो 4जी तकनीक से जुड़ चुके हैं। इससे पहले इंटरनेट स्पीड 256 के बीपीएस थी, जो अब 21 एमबीपीएस हो चुकी है।
धीरूभाई-बिल गेट्स बनने की ताकत
अंबानी ने कहा कि हर भारतीय कारोबारी में धीरूभाई अंबानी या बिल गेट्स बनने की ताकत है। देश में जमीनी स्तर पर बहुत ज्यादा कारोबारी क्षमताएं हैं। उन्होंने कहा कि 1992 में जब नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट ज्वाइन किया था, तब देश की जीडीपी 300 अरब डॉलर थी। प्रौद्योगिकी की मदद से पिछले दो दशक में यह बढ़कर 30 खरब डॉलर के करीब पहुंच चुकी है।
एक अलग भारत देखेंगे ट्रंप
अंबानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, आज उन्हें जो भारत दिखाई देगा, वह उससे अलग होगा, जो उनके पूर्ववर्तियों जिम्मी कार्टर, बिल क्लिंटन और बराक ओबामा ने देखा था। साथ ही नडेला की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी काफी अलग और नया भारत देखेगी। यह उस भारत से भिन्न होगा, जिसमें आप और हम पले-बढ़े हैं।
समावेशी प्रौद्योगिकी क्षमता विकसित करें भारतीय सीईओ : नडेला
‘फ्यूचर डिकोडेड सीईओ सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए नडेला ने कहा कि भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों को ऐसी प्रौद्योगिकी क्षमता का निर्माण करना चाहिए, जो ज्यादा समावेशी हो। उन्होंने कहा कि पिछले दशक के दौरान ‘एग्रीगेटर’ उभरे हैं, लेकिन यह काफी नहीं है। नडेला ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि डिजिटल बदलाव उत्पादकता बढ़ाने वाला हो। भारत में 72 फीसदी सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरियां प्रौद्योगिकी उद्योग से बाहर हैं। तीन दिन की भारत यात्रा पर आए नडेला ने टीसीएस के सीईओ एवं एमडी राजेश गोपीनाथन से भी मुलाकात की।
युवाओं में तेजी से सीखने की क्षमता : गोपीनाथन
सम्मेलन में राजेश गोपीनाथन ने कहा कि प्रौद्योगिकी में बदलाव के लिए कंपनी आंतरिक प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने को प्राथमिकता देती है। कंपनी में हमारा प्रयास होता है कि विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन देकर अच्छी प्रतिभाओं को रोका जाए। इसके लिए हमें बाहर से लोग नहीं ढूंढने पड़े। उन्होंने कहा कि युवाओं को पास ज्ञान का भंडार है और उनमें तेजी से सीखने की क्षमता है। जरूरत है तो उन्हें प्रशिक्षित करने की।