फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Moodys says Heatwaves and climate related shocks could hurt growth worsen inflation

Moody's Report: भारत के विकास के लिए ठीक नहीं भीषण गर्मी, उच्च तापमान बढ़ाएगा देश में महंगाई

Mon, 23 May 2022 05:21 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Mon, 23 May 2022 05:21 PM IST
सार

रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स ने सोमवार को जारी अपनी रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा है कि लंबे समय तक उच्च तापमान भारत के लिए नुकसानदेह है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है। इसके साथ ही भीषण गर्मी देश की आर्थिक वृद्धि को भी प्रभावित कर सकती है।

विज्ञापन
Moodys says Heatwaves and climate related shocks could hurt growth worsen inflation
गर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत के लोग इन दिनों भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। एक ओर जहां ये उच्च तापमान लोगों को झुलसा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर इससे महंगाई बढ़ने का खतरा भी अधिक है। जी हां, गर्मी महंगाई में इजाफा कर सकती है, ऐसा कहना है रेटिंग एजेंसी मूडीज का। सोमवार को जारी अपनी रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा है कि लंबे समय तक उच्च तापमान भारत के लिए नुकसानदेह है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है और वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

विज्ञापन


रेटिंग एजेंसी ने दिया यह तर्क
मूडीज के मुताबिक दीर्घावधि में, भौतिक जलवायु जोखिमों के प्रति भारत के अत्यधिक नकारात्मक ऋण जोखिम का मतलब है कि इसकी आर्थिक बढ़त का अस्थिर होना। भारत को लगातार जलवायु संबंधी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि वैसे तो भारत में गर्मी की लहर काफी आम हैं, लेकिन यह आमतौर पर मई और जून में अपने हाई पर होती हैं। हालांकि, इस साल नयी दिल्ली में मई में गर्मी की पांचवीं लहर देखी गई, जिससे अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि लंबे समय तक उच्च तापमान देश के उत्तर-पश्चिम के अधिकांश हिस्से को प्रभावित करेगा, जिससे गेहूं उत्पादन पर असर पड़ सकता है। साथ ही यह बिजली की कटौती का कारण भी बन सकता है। इस कारण उच्च मुद्रास्फीति और वृद्धि के जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन


गेंहू के उत्पादन में की कटौती
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने भीषण गर्मी के मद्देनजर जून, 2022 को समाप्त होने वाले फसल वर्ष के लिए गेहूं का उत्पादन अनुमान 5.4 प्रतिशत घटाकर 15 करोड़ टन कर दिया है। कम उत्पादन और वैश्विक स्तर पर गेहूं की अधिक कीमतों को देखते हुए हाल ही में सरकार ने गेंहू के निर्यात पर रोक लगाई है। यह प्रतिबंध ऐसे समय में आया है, जब रूस-यूक्रेन सैन्य संघर्ष के बाद भारत गेहूं की मांग के वैश्विक अंतर को पूरा करने में सक्षम हो सकता है। इससे जहां हाल समय में फायदा होगा, तो बाद में आर्थिक वृद्धि को नुकसान भी उठाना होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed