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सरकार करेगी एक लाख टन प्याज का आयात, MMTC ने जारी की निविदाएं

Tue, 12 Nov 2019 01:55 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Tue, 12 Nov 2019 01:55 PM IST
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mmtc floats two tenders for import of onion to bring prices

सरकार के स्वामित्व वाली एमएमटीसी ने चार हजार टन प्याज के आयात के लिए दो अलग-अलग निविदाएं जारी की हैं। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतें थामना है। प्याज की महंगाई से चिंतित सरकार ने हाल में एमएमटीसी को एक लाख टन प्याज के आयात के निर्देश दिए थे। 

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देश के कई इलाकों में प्याज की कीमतें 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। एमएमटीसी जहां प्याज का आयात करेगी, वहीं नाफेड के माध्यम से इसकी घरेलू बाजार में आपूर्ति की जाएगी। इससे पहले शनिवार को राम विलास पासवान ने कहा था, ‘सरकार ने कीमतों को काबू करने के लिए एक लाख टन प्याज का आयात करने का फैसला लिया गया है।’

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एक हफ्ते में 45 फीसदी बढ़े दाम

दिल्ली में प्याज का खुदरा मूल्य 45 फीसदी बढ़कर 100 रुपये किलो पहुंच गया है।आकंड़ों के मुताबिक प्याज की कीमतों में पिछले साल की तुलना में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है। नवंबर 2018 में खुदरा बाजार में प्याज का भाव 30-35 रुपये किलो था। अधिकारी ने कहा कि निजी व्यापारियों ने सरकार को बताया कि आयातित प्याज के 80 कंटेनर भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं और 100 कंटेनरों को समुद्री मार्ग से भारत भेजा जा सकता है। बीते कुछ महीनों में प्याज की कीमतें लगभग दोगुना हुई हैं। अगस्त में जहां एक किलो प्याज के लिए लोग 25 रुपये चुकाते थे, वहीं इस माह एक किलो प्याज 90 से 100 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एक अक्तूबर को प्याज का भाव 55 रुपये किलो था।  

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इसलिए बढ़ी कीमत

इस संदर्भ में कारोबारियों का कहना है कि बीते वर्ष प्याज का बहुत कम उत्पादन हुआ था। इसलिए इसमें बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बेमौसम बारिश की वजह से प्याज की फसल प्रभावित हुई है। इसके अतिरिक्त कारोबारियों ने सरकार की प्रतिकूल नीतियों को इसका जिम्मेदार ठहराया है।



वहीं लासलगांव की कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के अध्यक्ष जयदत्त होल्कर ने कहा है कि अक्तूबर और नवंबर में बेमौसम वर्षा हुई है, जिसकी वजह से खरीफ में बोई गई फसलों को नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित दक्षिण भारतीय राज्यों में बोई गई शुरुआती किस्म की प्याज आवक को नुकसान पहुंचा है। यही कारण है, जिसकी वजह से बाजार में नई किस्म की प्याज आपूर्ति वहीं है। 

ये कदम उठा चुकी है सरकार

  • पासवान ने कहा कि सरकार प्याज की कीमतें थामने के लिए कच्ची और प्रसंस्कृत प्याज के आयात पर पहले ही प्रतिबंध लगा चुकी है।
  • सरकार कारोबारियों पर स्टॉक लिमिट लगा चुकी है, जिससे जमाखोरी रोकी जा सके।
  • इसके अलावा ग्राहकों को राहत देने के लिए 23.40 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेच रही है।
  • सरकार अपने बफर स्टॉक में से 57,000 टन प्याज निकाल चुकी है।
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