पुरुष भी सजने-संवरने में खर्च कर रहे हैं ज्यादा पैसा, कॉस्मेटिक उत्पाद का बढ़ा चलन
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महिलाओं के बाद अब भारतीय पुरुषों में भी सजने-संवरने का चलन काफी तेजी से बढ़ गया है। देश में कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री में तेजी से उछाल देखने को मिला है। देश में कॉस्मेटिक उत्पादों बाजार 449 अरब रुपये का पहुंच गया है। इस बाजार में स्थानीय से लेकर के अंतरराष्ट्रीय उत्पाद शामिल हैं।
ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ा चलन
पिछले कुछ सालों में छोटे शहर और ग्रामीण इलाके इन उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार साबित हुए हैं। ऐसौचेम की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में यह बाजार सालान 17 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। बड़े शहरों से लेकर के गांवों में रहने वाले लोग भी अब कटिंग और शेविंग के अलावा फेसियल, ब्लीच, फ्रूट मसाज, पेडिक्योर, मेनिक्योर कराने लगे हैं। हालांकि अभी भी पहले की तरह इस बाजार में खर्च करने में महिलाएं सबसे आगे हैं।
सैलून से लेकर स्पा सेंटर में भीड़
एक महिला औसतन हर महीने ब्यूटी पार्लर या फिर सैलून में हर माह दो से तीन हजार रुपये खर्च करती है। वहीं पुरुष भी औसतन हर महीने 500 से लेकर के 1500 रुपये खर्च करते हैं। पुरुषों का रुझान पिछले कुछ सालों में ब्यूटी और हेयर ट्रीटमेंट के लिए काफी बढ़ा है। महिलाओं ने 2018 में जहां 1808 करोड़ रुपये खर्च किए वहीं पुरुषों नें 297.7 करोड़ रुपये इस मद में खर्च किए हैं।
इनकी बढ़ गई बिक्री
महिलाओं के लिए बिकने वाले फेश वॉश में पिछले साल के मुकाबले 8.4 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज हुई जबकि पुरुषों के मामले में यह वृद्धि 57.9 फीसदी रही। इसी तरह से डियोड्रंड में भी पुरुषों ने औरतों को 5.5 के मुकाबले 9.3 फीसदी से पीछे छोड़ दिया है।
महिलाओं के ब्यूटी पार्लर और प्रसाधन कुल रेवेन्यू का 85 फीसदी दे रहे हैं। दूसरा नंबर पुरुषों के पार्लर का आता है। विदेशी कंपनियां पिछले सालों में जहां एक भारतीय व्यक्ति पर करीब 78 रुपये का निवेश करती थीं, वहीं वर्ष 2015 में यह पूंजी बढ़कर 405.5 रुपये हो गई है।
आयुर्वेद की ओर बढ़ा रूझान
हालांकि लोगों का अब रासायनिक उत्पादों की जगह आयुर्वेद उत्पादों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। शहनाज हुसैन की वजह से लोगों में ऐसे उत्पादों के प्रति रूचि और जागरूकता काफी बढ़ी है। शहनाज ने भारत के कॉस्मेटिक बाजार को पूरी तरह से बदल दिया है। ज्यादातर भारतीय कॉस्मेटिक उत्पादों पर 60 फीसदी, सैलून पर 35 फीसदी और कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट पर पांच फीसदी खर्च करते हैं।
अमेरिका, यूरोप पहले दो स्थान पर
हालांकि अगर पूरे विश्व की बात की जाए तो अमेरिका और यूरोप पहले व दूसरे नंबर पर हैं। 2017-18 में महिलाओं का कुल वैश्विक बाजार 269 खरब रुपये का था, जिसमें अमेरिका का हिस्सा ही 80 खरब रुपये था। इसके बाद यूरोप और भारत का स्थान है। पुरुषों के सौदर्य प्रसाधनों का वैश्विक बाजार करीब 110 खरब रुपए का आंका गया है, जबकि भारत में यह 12 खरब रुपये है।
बढ़ गया रोजगार
सौंदर्य उत्पादों की मांग और ट्रीटमेंट की वजह से कई लोगों को इसमें रोजगार मिला हुआ है। इस कारोबार में पांच सितारा होटल से लेकर के बड़े कॉर्पोरेट अस्पतालों में भी स्पा और वेलनेस सेंटर खोल लिए हैं। वहीं इसके अलावा कई बड़े ब्रांड्स ने खुद के इंस्टीट्यूट खोल दिए हैं तो कुछ लोगों ने पोर्टल और चैनल की भी शुरुआत की है।
पांच से आठ सालों में यह होगा बाजार
अगले पांच से आठ सालों 50 अरब रुपये का स्पा और बॉडी ट्रीटमेंट के क्षेत्र में बाजार बढ़ने की संभावना है। इसमें से 50 फीसदी का इजाफा पिछले कुछ सालों में ग्रामीणों और छोटे शहरों में हुआ है। 30 लाख लोगों को इस क्षेत्र में रोजगार मिलने की संभावना है।