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2021 तक 2.35 लाख करोड़ का हो जाएगा मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग
Tue, 12 Mar 2019 05:52 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Tue, 12 Mar 2019 05:52 PM IST
सार
- -फिक्की और ईवाई की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में हुआ खुलासा
- -1.67 लाख करोड़ का था एमएंडएम उद्योग 2018 में
- -2019 तक फिल्म इंटरटेनमेंट और 2021 तक प्रिंट को पीछे छोड़ देगा टीवी उद्योग
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विस्तार
भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन (एमएंडएम) उद्योग 2021 तक सालाना 11.6 फीसदी की दर से बढ़ सकता है। फिक्की और ईवाई की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि यह उद्योग 2021 तक 2.35 लाख करोड़ के स्तर को पार कर जाएगा।
2018 में मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग 2017 के मुकाबले 13.4 फीसदी बढ़कर 1.67 लाख करोड़ रुपये का हो गया था। इस दौरान टीवी उद्योग में सबसे अधिक वृद्धि देखने को मिलेगी। यह 2019 तक फिल्म इंटरटेनमेंट उद्योग और 2021 तक प्रिंट उद्योग को पीछे छोड़ देगा।
टीवी उद्योग 2018 में 66,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 74,000 करोड़ रुपये का हो गया। इसमें 12 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। वहीं, विज्ञापन उद्योग 14 फीसदी बढ़कर 30,500 करोड़ और सब्सक्रिप्शन उद्योग 11 फीसदी बढ़कर 43,500 करोड़ रुपये का हो गया है।
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2021 तक टीवी उद्योग 95,500 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। वहीं, विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन उद्योग में क्रमश: 10 और 8 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टीवी देखने वाले घरों की संख्या 2016 के मुकाबले 7.5 फीसदी बढ़कर 19.7 करोड़ हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंट उद्योग दूसरा सबसे बड़ा माध्यम है, जो 0.7 फीसदी की वृद्धि के साथ 2018 में 30,550 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान प्रिंट को विज्ञापन से 21,700 करोड़ रुपये और सब्सक्रिप्शन से 8,830 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
इस दौरान अखबार के विज्ञापन में 1 फीसदी और मैगजीन (पत्रिका) के विज्ञापन में 10 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, 2018 में खबरों को डिजिटल तरीके से पढ़ने वालों यूजर्स की संख्या 26 फीसदी बढ़कर 22.2 करोड़ हो गई। पेज व्यू में 59 फीसदी की वृद्धि देखी गई। वहीं, 2018 में डिजिटल तरीके से खबरें पढ़ने के लिए लोगों ने एक दिन में औसतन 8 मिनट खर्च किए, जो 2017 के मुकाबले दोगुना है।
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2018 में मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग 2017 के मुकाबले 13.4 फीसदी बढ़कर 1.67 लाख करोड़ रुपये का हो गया था। इस दौरान टीवी उद्योग में सबसे अधिक वृद्धि देखने को मिलेगी। यह 2019 तक फिल्म इंटरटेनमेंट उद्योग और 2021 तक प्रिंट उद्योग को पीछे छोड़ देगा।
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टीवी उद्योग 2018 में 66,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 74,000 करोड़ रुपये का हो गया। इसमें 12 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। वहीं, विज्ञापन उद्योग 14 फीसदी बढ़कर 30,500 करोड़ और सब्सक्रिप्शन उद्योग 11 फीसदी बढ़कर 43,500 करोड़ रुपये का हो गया है।
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2021 तक टीवी उद्योग 95,500 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। वहीं, विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन उद्योग में क्रमश: 10 और 8 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टीवी देखने वाले घरों की संख्या 2016 के मुकाबले 7.5 फीसदी बढ़कर 19.7 करोड़ हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रिंट उद्योग दूसरा सबसे बड़ा माध्यम है, जो 0.7 फीसदी की वृद्धि के साथ 2018 में 30,550 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान प्रिंट को विज्ञापन से 21,700 करोड़ रुपये और सब्सक्रिप्शन से 8,830 करोड़ रुपये की कमाई हुई।
इस दौरान अखबार के विज्ञापन में 1 फीसदी और मैगजीन (पत्रिका) के विज्ञापन में 10 फीसदी की गिरावट आई। वहीं, 2018 में खबरों को डिजिटल तरीके से पढ़ने वालों यूजर्स की संख्या 26 फीसदी बढ़कर 22.2 करोड़ हो गई। पेज व्यू में 59 फीसदी की वृद्धि देखी गई। वहीं, 2018 में डिजिटल तरीके से खबरें पढ़ने के लिए लोगों ने एक दिन में औसतन 8 मिनट खर्च किए, जो 2017 के मुकाबले दोगुना है।