LIC IPO: एलआईसी के आईपीओ को 2.95 गुना सब्सक्रिप्शन, सरकार को मिले करीब 21,000 करोड़ रुपये
LIC IPO Subscription Closed: एलआईसी के आईपीओ के तहत 16,20,78,067 शेयरों की पेशकश की गई थी। शेयर बाजार पर शाम सात बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इन शेयरों के लिए निवेशकों की तरफ से 47,83,25,760 बोलियां लगाई गईं।
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विस्तार
देश का सबसे बड़ा आईपीओ अंतिम दिन 2.95 गुना भरा। इसमें सबसे ज्यादा 6.11 गुना पॉलिसीधारकों का हिस्सा, जबकि 4.39 गुना कर्मचारियों का हिस्सा भरा। खुदरा निवेशकों ने अपने हिस्से की तुलना में 1.99 गुना की बोली लगाई, जबकि गैर संस्थागत निवेशकों ने 2.91 गुना पैसा लगाया। क्यूआईबी का हिस्सा 2.83 गुना भरा। पांच दिन तक खुले इस आईपीओ में 10 मर्चेंट बैंकर्स को नैया पार लगाने के लिए रखा गया था। फिर भी विदेशी निवेशकों ने आईपीओ में बहुत ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालांकि, खुदरा निवेशकों ने सबसे ज्यादा आवेदन कर एक इतिहास बना दिया। इस तरह सरकार करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाने में सफल रही।
खुदरा निवेशकों ने 13.76 करोड़ शेयर के लिए बोली लगाई
खुदरा निवेशकों के लिए 6.91 करोड़ शेयर आरक्षित थे और इनकी तुलना में 13.76 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिली। इसे कुल 60 लाख से ज्यादा आवेदन मिले, जबकि रिलायंस पावर को 2008 में खुदरा निवेशकों के हिस्से के लिए 48 लाख आवेदन मिला था। देश के आईपीओ के इतिहास में पहली बार किसी इश्यू के लिए खुदरा निवेशकों की ओर से इतने बड़े पैमाने पर आवेदन मिला है।
16.20 करोड़ शेयर जारी हुए थे
एलआईसी ने कुल 16.20 करोड़ शेयर जारी किया था। इसकी तुलना में इसे 47.81 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिला। वैसे विदेशी निवेशकों ने इस आईपीओ से दूरी बनाए रखी। हालांकि उनके लिए एफडीआई के नियमों में भी बदलाव किया गया, पर उन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखाई। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार की दोपहर तक विदेशी निवेशकों संस्थागत निवेशकों के हिस्से के लिए केवल 2 फीसदी बोली लगाई। इसी तरह एंकर निवेशकों में भी बहुत कम एफआईआई ने बोली लगाई थी।
आंकड़ों में आईपीओ
एलआईसी के आईपीओ के तहत 16,20,78,067 शेयरों की पेशकश की गई थी। शेयर बाजार पर शाम सात बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इन शेयरों के लिए निवेशकों की तरफ से 47,83,25,760 बोलियां लगाई गईं। पात्र संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी) श्रेणी के शेयरों को 2.83 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इस श्रेणी के लिए आरक्षित 3.95 करोड़ शेयरों के लिए 11.20 करोड़ बोलियां लगाई गईं। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशक (एनआईआई) श्रेणी के तहत 2,96,48,427 शेयरों की पेशकश की गई थी, जिनके लिए 8,61,93,060 बोलियां लगाई गईं। इस तरह एनआईआई खंड को 2.91 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।
एलआईसी के निवेशकों को शेयर आवंटन 12 मई को
- एलआईसी के आईपीओ में बोलियां लगाने वाले निवेशकों को कंपनी के शेयर 12 मई को आवंटित किए जाएंगे। शेयर बाजारों में एलआईसी के शेयर 17 मई को सूचीबद्ध होंगे। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहीन कांत पांडेय ने सोमवार शाम को निर्गम की अवधि खत्म होने के बाद संवाददाताओं से कहा कि एलआईसी के आईपीओ को सभी खंडों में निवेशकों का तगड़ा समर्थन मिला है।
- उन्होंने कहा कि घरेलू निवेशकों ने एलआईसी के आईपीओ को सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचाया है। यह आत्मनिर्भर भारत का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अब विदेशी निवेशकों पर निर्भरता नहीं रही। आईपीओ में बोलियां लगाने वालों को 12 मई को शेयर आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही एलआईसी के शेयर को शेयर बाजारों में 17 मई को सूचीबद्ध किया जाएगा।
खुदरा निवेशकों का जोरदार रिस्पांस
बता दें कि रविवार तक पांच दिनों में इश्यू 1.9 गुना सब्सक्राइब्ड हो चुका था। पॉलिसीधारकों ने इस आईपीओ को लेकर जोरदार उत्साह दिखाया है और यह हिस्सा 5.1 गुना सब्सक्राइब्ड किया गया था। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और हर कोई आखिरी दिन इसमें हिस्सेदारी खरीदना चाहता है। एलआईसी आईपीओ को सिर्फ कर्मचारियों और पॉलिसीधारकों का ही नहीं बल्कि, खुदरा निवेशकों का भी जबरदस्त रिस्पांस मिला है। आज दोपहर तीन बजे तक जहां कर्मचारियों का हिस्सा 4.25 गुना सब्सक्राइब्ड किया जा चुका था, वहीं पॉलिसीधारकों का हिस्सा 5.85 गुना बुक किया जा चुका था। गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) की बात करें तो इस हिस्से को 2.34 गुना सब्सक्राइब्ड किया गया था, जबकि क्यूआईबी यानी योग्य संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 2.43 गुना सब्सक्रिप्शन आ चुका था।
विदेशी निवेशकों ने बनाई दूरी
सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद भी एलआईसी का आईपीओ विदेशी निवेशकों को लुभाने में नाकामयाब नजर आ रहा है। 20 फीसदी एफडीआई को मंजूरी देने के बाद भी संस्थागत निवेशकों के लिए जो हिस्सा आरक्षित किया गया था उसमें महज दो फीसदी हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों की है। एंकर निवेशकों की बात करें तो नॉर्वे और सिंगापुर के सावेरन फंड से निवेश आया है।
विशेषज्ञों ने बताया फायदे का सौदा
जिस तरह से एलआईसी के आईपीओ को रिस्पांस मिल रहा है, उसे देखते हुए इसे सफल आईपीओ कहा जा सकता है। विशेषज्ञों ने भी इस आईपीओ को लेकर कहा है कि इसमें लंबी अवधि के लिए निवेश करना निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित होगा। ऐसे में अगर आपने अब तक इसमें भागीदारी नहीं की है तो देर न करें कुछ आसान तरीकों से आप भी एलआईसी के शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं।
एसबीआई योनो से ऐसे करें निवेश
भारतीय स्टेट बैंक की ओर से अपने ग्राहकों को जानकारी दी गई है कि बैंक के ग्राहक एलआईसी आईपीओ में एसबीआई योनो एप के जरिए भी निवेश कर सकते हैं। इसमें निवेश करने के लिए सबसे पहले अपने एसबीआई योनो (SBI YONO) एप को ओपन करना होगा और लॉगइन करने के बाद इंवेस्टमेंट विकल्प पर क्लिक करना होगा। ऐसा करने पर आपको डीमैट और ट्रेडिंग खोलना ऑप्शन दिखेगा। इस अकाउंट कोखोलने के बाद आप आसानी से एलआईसी आईपीओ में निवेश कर सकते हैं। गौरतलब है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए बैंक इस अकाउंट को खोलने के लिए कोई शुल्क नहीं ले रहा है।
पेटीएम के जरिए खरीदें हिस्सेदारी
एसबीआई की तरह ही पेटीएम मनी के माध्यम से एलआईसी आईपीओ के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले पेटीएम मनी के होम स्क्रीन पर आईपीओ सेक्शन में जाएं। आप अगर पॉलिसीधारक है तो आईपीओ डिटेल्स पेज पर ' इंवेस्टर टाइप' के नीचे पॉलिसीहोल्डर्स सेलेक्ट करें। ध्यान रहे कि पैन एलआइसी पॉलिसी से लिंक्ड हो और पेटीएम मनी के डीमैट अकाउंट से संबद्ध हो। अब एलआईसी आईपीओ विकल्प चुनकर इसमें 'करंट ऐंड अपकमिंग' टैब पर क्लिक करें। इसके बाद 'अप्लाई नाउ' ऑप्शन चुनें। अब बिड पेज खुलने पर नए पेज पर आप आवेदन के लिए प्राइस और क्वांटिटी अपडेट कर सकते हैं। फिर 'एड यूपीआइ डिटेल्स' सेक्शन में अपना यूपीआई आईडी अपडेट करें और अप्लाई पर क्लिक करें। आवंटन होने पर सूचना मिल जाएगी।