बजट 2019 पेश होने में केवल चार दिन, आम जनता की वित्त मंत्री से यह हैं उम्मीदें
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पांच जुलाई को पेश होने वाले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती हैं। आम जनता की कई सारी उम्मीदें इस बार के बजट में टिकी हैं, क्योंकि अंतरिम बजट में कई सारी घोषणाएं की गई थी, जिनका लाभ जनता को अब बाकी बचे वित्त वर्ष में भी है। ऐसा माना जा रहा है कि उनका लक्ष्य बेरोजगारी को खत्म करना होगा और ग्रामीण इलाकों के विकास पर उनका ध्यान केंद्रित रहेगा।
सुधारों के लिए मंच तय करेगा बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पहला बजट अगले पांच वर्षों में सुधारों के लिए मंच तय करेगा, जो भूमि, श्रम, पूंजी और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन की पेशकश का बुनियादी ढांचा होगा। इसलिए आम आदमी से लेकर कारोबारियों तक, हर किसी को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं और बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि रियल एस्टेट सेक्टर से लेकर नकद निकासी पर लगने वाले टैक्स तक, इस बजट में आपके लिए क्या घोषणाएं हो सकती हैं।
नकद निकासी पर लिया जा सकता है फैसला
नरेंद्र मोदी की सरकार डिजिटल लेन-देन को हमेशा से ही बढ़ावा देती आई है। इसलिए बजट में इसको लेकर बड़ा एलान किया जा सकता है। बता दें कि सरकार 10 लाख से ज्यादा की नकद निकासी करने वाले लोगों पर टैक्स लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। इस फैसले का आप पर सीधा असर पड़ेगा क्योंकि अगर इसकी घोषणा बजट में हो जाती है, तो इसका मतलब होगा कि एक साल में 10 लाख से ज्यादा पैसे निकालने पर आपसे टैक्स वसूला जाएगा।
जिस तरह 50 हजार से ज्यादा पैसा जमा करने पर पैन कार्ड दिया जाता है, उसी तरह 10 लाख से ज्यादा की नकद निकासी पर सरकार द्वारा आधार नंबर को अनिवार्य किया जा सकता है।
करोड़ों टैक्सपेयर्स को मिल सकती है सौगात
इतना ही नहीं, बजट में सरकार एक और ऐसा कदम उठा सकती है, जिसका आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आयकर में छूट का स्लैब तीन लाख रुपये कर सकती है। टैक्स में छूट के इस प्रस्ताव से देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स को फायदा होगा क्योंकि अभी टैक्स स्लैब 2.50 लाख रुपये से शुरू होता है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए हो सकती है घोषणा
अब बात करते हैं ऑटो सेक्टर की, जिसकी स्थिति काफी खराब है और सरकार की मदद के बिना इस सेक्टर में सुधार आना मुश्किल है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार बजट में अहम घोषणा कर सकती है। मोटर कंट्रोलर, ब्रेक सिस्टम और इलेक्ट्रिक कंप्रेसर जैसे इलेक्ट्रिक वाहन कंपोनेंट पर सरकार इंपोर्ट ड्यूटी कम करने की घोषणा कर सकती है। मौजूदा समय में इन उत्पादों का इंपोर्ट टैरिफ 10 से 15 फीसदी है।
बंद हो सकते हैं ये वाहन
बजट में सरकार साल 2000 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों को बंद करने की घोषणा कर सकती है। यानी अगर आपने 2000 से पहले कोई वाहन खरीदा था, तो उसे सरकार जल्द ही बंद कर सकती है। सरकार का यह कदम महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि इन वाहनों से निकलने वाले धुएं से देश वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है।
आनंद महिंद्रा ने जताई उम्मीद
महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा कि वाहनों पर जीएसटी कम होने से अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है। महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए कहा कि छोटी कंपनियों और रोजगार पर ऑटो इंडस्ट्री का व्यापक प्रभाव है। उन्होंने कहा- हम सभी उस मंदार पर्वत की तलाश कर रहे हैं जो अर्थव्यवस्था का मंथन शुरू कर सके। यह देश की तीसरी बड़ी रोजगार देने वाली इंडस्ट्री है।
वाहनों पर जीएसटी घटने की उम्मीद
ऑटो सेक्टर को उम्मीद है कि सरकार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वाहनों पर लगने वाले जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी करेगी। मौजूदा समय में वाहनों पर 28 फीसजी जीएसटी लगता है। अगर वाहनों पर जीएसटी की कटौती हो जाती है तो इससे इनकी मांग बढ़ेगी, जो पिछले 11 महीनों से बहुत कम है।
रियल एस्टेट सेक्टर को भी बजट से उम्मीदें
अब बात करते हैं रियल एस्टेट सेक्टर की। हाउसिंग सेक्टर को बूस्ट देने के लिए भी सरकार द्वारा पांच जुलाई को कई कदम उठाए जा सकते हैं। अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप के सीएमडी राकेश यादव का कहना है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग सात फीसदी और रोजगार में करीब 14 फीसदी का योगदान देने वाले इस सेक्टर को इस बजट से काफी कुछ मिल सकता है। अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदने की इच्छा रखने वाले डेवलपर्स को सरकार कम ब्याज पर फंड और जमीन उपलब्ध करा सकती है।
दूर हो सकती हैं किसानों की समस्या
बीते सालों में सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री श्रम मानधन पेंशन योजना जैसी लोकप्रिय योजना की घोषणा की गई थी। अब सरकार एक बार फिर किसानों की दिक्कतों को कम करने के लिए नई योजना की घोषणा कर सकती है।
किसानों के लिए हो सकते हैं ये एलान
माना जा रहा है कि इस बार सरकार किसानों की मदद के लिए 30 फीसदी ज्यादा धन आवंटित कर सकती है। इतना ही नहीं, किसानों के लिए कई फ्लैगशिप योजनाओं का आरंभ भी किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) में बढ़ोतरी भी कर सकती है। कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को ब्याज दर में सब्सिडी और फर्टिलाइजर्स पर सब्सिडी भी दी जा सकती है।
स्वास्थ्य देखभाल
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे प्रमुख योजनाओं में से एक है आयुष्मान भारत योजना। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा बजट में महत्वपूर्ण घोषणा हो सकती है। सरकार नए अस्पतालों के निर्माण पर भी विचार कर सकती है। इतना ही नहीं, अस्पतालों में बेड की व्यवस्था और जनता तक इलाज पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होगी।
देश की रक्षा के लिए भी हो सकते हैं एलान
देश की रक्षा के लिए भी सरकार महत्वपूर्ण एलान कर सकती है। सरकार का ध्यान विशेष रक्षा निवेश भत्ते की घोषणा, विशेष रक्षा विनिर्माण और टैंकों के विनिर्माण, बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों, रक्षा विमानों, अंतरिक्ष यान, युद्धपोतों, हथियारों और सभी प्रकार के गोला बारूद और उसके उपयोग के अन्य सामानों के निर्माण पर केंद्रित रहेगा।