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कचौड़ी बेचकर करोड़पति बना यह शख्स, जानें आखिर कैसे पड़ी कर विभाग की नजर
Fri, 28 Jun 2019 09:36 AM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 28 Jun 2019 09:36 AM IST
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कचौड़ी वाला
- फोटो : Amar Ujala
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अलीगढ़ की एक सामान्य सी दुकान ने वाणिज्य कर विभाग की नींद उड़ा दी है। कचौड़ी विक्रेता मुकेश की सालाना बिक्री का अनुमान 60 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जिससे अधिकारियों की आंखें फटी रह गई। लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह आयकर विभाग की नजर में आया कैसे।
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सुबह आठ बजे एक प्लेट कचौड़ी के लिए अधिकारी को 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा था, लेकिन तब भी ज्यादा भीड़ के कारण उसे कचौड़ी नहीं मिली पाई थी। जब बिक्री का अनुमान जीएसटी की वर्तमान छूट से अधिक का निकला, तो जांच शुरू हुई।
ऐसा माना जा रहा है कि अब विभागीय जांच इन विक्रेताओं की ओर भी घूम सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि जीएसटी में राजस्व बढ़ाने के लिए उन दुकानदारों को भी दायरे में लाया जा रहा है, जो हकीकत में जीएसटी छूट के हकदार नहीं है।
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यहां हुई थी शिकायत
इस कचौड़ी विक्रेता की शिकायत राजस्व अधिसूचना विभाग में हुई थी। जिसके बाद वाणिज्य कर विभाग की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम एसआईबी ने 21 जून को जांच शुरू की थी। इस जांच को एक सप्ताह में पूरा किया जाना था।
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विभागीय कर्मी हुए थे तैनात
इस संदर्भ में एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर रवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि जांच से पहले इस कचौड़ी विक्रेता की सीमा टॉकिज के पास स्थित दुकान पर तीन से चार दिन बिक्री का अनुमान लगाया गया था। इसके लिए विभागीय कर्मी वहां तैनात रहे। मुकेश की दुकान पर तीन चरणों में नजर रखी गई, सुबह सात बजे से 11 बजे तक, 11 बजे से दोपहर दो बजे तक और दो बजे से शाम चार बजे तक।
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सुबह आठ बजे एक प्लेट कचौड़ी के लिए अधिकारी को 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा था, लेकिन तब भी ज्यादा भीड़ के कारण उसे कचौड़ी नहीं मिली पाई थी। जब बिक्री का अनुमान जीएसटी की वर्तमान छूट से अधिक का निकला, तो जांच शुरू हुई।
सलाना ब्रिकी 50 से 60 लाख रुपये के बीच
जांच के दौरान बिक्री और स्टॉक में मिला माल ये साबित करने के लिए काफी था कि सलाना ब्रिकी 50 से 60 लाख रुपये के बीच है। बता दें कि कचौड़ी के साथ यहां पर समोसे भी बिकते हैं। पास की ही दो दुकानों में कच्चे माल का स्टॉक है।इन विक्रेताओं की ओर भी घूम सकती है विभागीय जांच
सीमा टॉकिज के पास लगभग 12-13 साल से कचौड़ी का कारोबार करने वाले मुकेश अकेले ऐसे विक्रेता नहीं है, जिनका टर्नओवर लाखों में है। शहर में रेलवे रोड, जयगंज, सेंटर प्वाइंट, मीनाक्षी पुल, किशनपुर तिराहा, मैरिस रोड पर ऐसे कई कचौड़ी विक्रेता हैं, जिनका टर्नओवर लाखों में है।ऐसा माना जा रहा है कि अब विभागीय जांच इन विक्रेताओं की ओर भी घूम सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि जीएसटी में राजस्व बढ़ाने के लिए उन दुकानदारों को भी दायरे में लाया जा रहा है, जो हकीकत में जीएसटी छूट के हकदार नहीं है।