क्या जॉनसन के सारे उत्पादों से फैलता है कैंसर?
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बच्चों के लिए शैम्पू, टेलकम पाउडर और साबुन बनाने वाली विश्व की प्रसिद्ध कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) भारत में भी सवालों के घेरे में आ गई है। कंपनी के सभी उत्पादों में कैंसर कारक तत्व होने की आशंका के बीच अब भारत में भी इसके उत्पादन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही देश भर में कई जगह से सैंपल इकठ्ठे किए गए हैं, जिनकी जांच की जाएगी।
सीज किए गए उत्पाद
कंपनी के सभी उत्पादों के देश भर से सैंपल लेकर के टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) की तरफ से यह निर्देश जारी होने के बाद बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टरों ने दोनों फैक्ट्रियों से बेबी पाउडर के सैंपल लिए थे, जिनमें कैंसर के लिए जिम्मेदार एस्बेस्ट्स की मौजूदगी की जांच की जाएगी।
इस रिपोर्ट के बाद उठे सवाल
समाचार एजेंसी रायटर्स ने इस बात का खुलासा किया है कि 1970 से लेकर 2000 तक कंपनी अपने उत्पाद में एस्बेस्टस का प्रयोग करती रही है और इस बात की जानकारी कंपनी में कार्यरत हर व्यक्ति को थी। एस्बेस्टस से कैंसर का खतरा होता है।
इनको थी जानकारी
रायटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी एग्जिक्यूटिव से लेकर के माइन मैनेजर, साइंटिस्ट, डॉक्टर और कंपनी के वकीलों को इस बात की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे बाहर नहीं आने दिया। 1971 से 2000 तक जॉनसन एंड जॉनसन के रॉ पाउडर और बेबी पाउडर की टेस्टिंग में कई बार एस्बेस्टस होने की बात सामने आई। हालांकि अभी यह बात साफ नहीं हो पाई है कि क्या कंपनी ने इन उत्पादों को केवल अमेरिका में ही बेचा, या फिर इनको अन्य देशों में निर्यात किया गया।
भारत में भी काफी संख्या में बच्चों को कैंसर
भारत में भी लाखों की संख्या में 5-7 साल की उम्र के बच्चे भी कैंसर का शिकार होते जा रहे हैं। इन बच्चों की मांओं को भी कैंसर हुआ है, जिसमें काफी लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं। इस वजह से भी सीडीएससीओ यह पता लगा रही है कि क्या भारत में कंपनी के रॉ मैटेरियल में कैंसर कारक एस्बेस्टस तो मौजूद नहीं है।
इसी वजह से ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कंपनी की मुलुंड (मुंबई) और बद्दी (हिमाचल प्रदेश) स्थित फैक्ट्रियों में अगले आदेशों तक बेबी पाउडर बनाने या पाउडर रॉ मैटीरियल से कोई अन्य उत्पाद बनाने पर रोक लगा दी है।
कहां कितना पाउडर रॉ मैटीरियल
82 हजार किलो पाउडर स्टोर है बद्दी प्लांट में
02 लाख किलो पाउडर रखा है मुलुंड प्लांट में
एस्बेस्टस की मात्रा को बढ़ाना चाहती थी कंपनी
कंपनी ने अमेरिकी रेगुलेटर्स पर दबाव बनाया था कि वो टेलकम पाउडर में एस्बेस्टस की मात्रा को बढ़ा दें। इसको कम करने की कोशिश के खिलाफ जाकर के उसने जो दबाव बनाया उसमें वो काफी हद तक सफल हुई थी।