और कमजोर हो सकती है भारत की GDP, IMF ने फिर घटाया विकास दर का अनुमान
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को एक बार फिर से घटा दिया है। आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक विकास दर सात रहने की उम्मीद जताई है। इसमें 0.30 फीसदी की कटौती की गई है।
अनुमान से अधिक कमजोर हुई विकास दर
इस संदर्भ में आईएमएफ ने कहा है कि कॉरपोरेट और रेग्युलेटरी अनिश्चितताओं और कुछ गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं की कमजोरी के कारण भारत की आर्थिक विकास दर अनुमान से अधिक कमजोर हुई।
छह साल के निचले स्तर पर विकास दर
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून की तिमाही में भारत की आर्थिक विकास दर छह साल के सबसे निचले स्तर पर पांच फीसदी पर पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा आठ फीसदी था।
आईएमएफ के प्रवक्ता गेरी राईस ने कहा कि, 'अमेरिका-चीन के बीच व्यापार युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका दिया है। इससे ग्लोबल जीडीपी ग्रोथ अगले साल 0.8 फीसदी घटने की आशंका है।'
लग सकता है झटका
विकास दर को घटाने के अनुमान से केंद्र सरकार की देश को पांच ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने की कवायद को भी झटका लग सकता है। अगर अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर देखने को या फिर धीमी रफ्तार रहेगी तो इसका असर भविष्य में भी देखने को मिलेगा। फिलहाल देश में कई सेक्टरों में उत्पादन लगभग ठप हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग पुराने स्टॉक को भी नहीं खरीद रहे हैं। पांच ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लिए विकास दर में तेजी रखने के लिए कोशिशों को जारी रखना होगा।