जेट फिर मुश्किल में, इंडियन ऑयल ने तेल आपूर्ति रोकी, विदेश में एक विमान जब्त
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जेट एयरवेज में हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया संभाल रहे एसबीआई कैपिटल ने मिलकर बोली लगाने वाली इकाइयों से ऋणशोधन क्षमता का अलग-अलग प्रमाण पत्र मांगा है। साथ ही निवेशकों की तलाश पूरी करने के लिए कर्जदाताओं ने रुचि पत्र लेने की समय-सीमा बढ़ाकर 12 अप्रैल कर दी है, जो बुधवार को खत्म हो रही थी।
एसबीआई कैपिटल ने बुधवार को स्पष्टीकरण जारी कर बताया कि इच्छुक खरीदारों को रुचि पत्र की सॉफ्ट कॉपी तत्काल मुहैया करानी होगी, जबकि हार्ड कॉपी 16 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे। सभी बोलीदाताओं को व्यक्तिगत रूप से ऋणशोधन क्षमता का प्रमाण पत्र देना होगा, जो उनके लेटरहेड पर प्रबंध निदेशक, पूर्णकालिक निदेशक-मुख्य कार्यकारी अधिकारी या इसी स्तर के अधिकारी द्वारा सत्यापित कर दिया जाएगा। बुधवार को प्रारंभिक बोली की समय-सीमा खत्म होने के बाद कर्जदाताओं ने इसे बढ़ाकर 12 अप्रैल कर दिया है, जबकि 11 अप्रैल तक उनसे आपत्तियां ली जा सकेंगी। शुरुआती बोली पार करने वाले उम्मीदवारों को 30 अप्रैल तक ऋणशोधन योजना संबंधी सभी दस्तावेज जमा कराने होंगे।
इंडियन ऑयल ने रोकी तेल आपूर्ति
बकाया भुगतान नहीं मिलने पर इंडियन ऑयल ने बुधवार को तीसरी बार जेट की तेल आपूर्ति रोक दी है। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आश्वासन के बावजूद भुगतान नहीं करने पर नई दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद में एयरलाइन को तेल आपूर्ति बंद कर दी गई है। इससे पहले 4 मार्च और 5 अप्रैल को भी जेट की तेल आपूर्ति रोकी गई थी। आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो कंपनी के और उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं।
विदेश में विमान को किया जब्त
विमानों का किराया देने में विफल जेट एयरवेज को विदेश में भी दिक्कतों का सामना करना शुरू हो गया है। जेट की एम्सटर्डम से मुंबई को आने वाली उड़ान संख्या 9W 231 को रोक लिया गया है, जिससे काफी यात्री हॉलैंड के शीफोल हवाई अड्डे पर फंस गए हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है और उनको समय-समय पर इसके बारे में अपडेट कराया जाएगा। यह उड़ान पूरी तरह से बुक थी और इसे वहां के स्थानीय समयनुसार 11.35 पर मुंबई के लिए उड़ान भरनी थी।
एयरलाइन के एक सूत्र ने बुधवार को पीटीआई से कहा, कार्गो एजेंट ने एयरलाइन की ओर से बकाये का भुगतान नहीं होने की वजह से जेट एयरवेज का बोइंग 777-300 ईआर (वीटी-जेईडब्ल्यू) अपने कब्जे में ले लिया।
पट्टे पर विमान देने वाली कंपनियों के बकाये का भुगतान नहीं होने की वजह से जेट एयरवेज अपने बेड़े के 75 प्रतिशत से अधिक विमानों को खड़ा कर चुकी है। अब एयरलाइन सिर्फ 25 विमानों के जरिये परिचालन कर रही है, जबकि पहले वह 123 विमानों के साथ परिचालन कर रही थी। यह विमान मंगलवार को मुंबई से एम्सटर्डम गया था। इसे बृहस्पतिवार को वापस आना था।
फिलहाल है 100 करोड़ डॉलर का बकाया
कंपनी पर फिलहाल 100 करोड़ डॉलर (69.23 लाख करोड़ रुपये) बकाया है। इंडियन ऑयल ने भुगतान नहीं करने पर जेट एयरवेज की तेल आपूर्ति रोक दी थी। इस कदम से परिचालन में चल रहे कंपनी के करीब 26 विमानों पर असर पड़ा था और जल्द ही भुगतान नहीं किया गया तो इनकी उड़ानें भी रोकी जा सकती थीं।
आपके लिए क्यों जरूरी है जानना
जेट एयरवेज फिलहाल काफी मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। ऐसे में हवाई ईंधन की आपूर्ति बंद होने से यात्रियों पर असर पड़ता। अगर आप भी जेट एयरवेज के जरिए कहीं जा रहे हैं तो हो सकता है कि आपकी फ्लाइट अब रद्द न हो। हालांकि उड़ान के समय के बारे में आपको हवाई कंपनी से संपर्क करना होगा।
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