{"_id":"649c035f88bd1b1c8d04a8a7","slug":"india-ranked-67th-on-energy-transition-index-sweden-on-top-wef-2023-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"WEF: एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स में भारत 67वें नंबर पर; स्वीडन सबसे ऊपर, जानें क्या हैं इसके मायने","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
WEF: एनर्जी ट्रांजिशन इंडेक्स में भारत 67वें नंबर पर; स्वीडन सबसे ऊपर, जानें क्या हैं इसके मायने
Wed, 28 Jun 2023 03:24 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 28 Jun 2023 03:24 PM IST
सार
डब्ल्यूईएफ ने कहा है कि भारत एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है जिसमें पावर ट्रांजिशन सूचकांक के न्यायसंगत, सुरक्षित और सतत आयामों में ऊर्जा संक्रमण की गति तेज हो रही है। भारत हाल के ऊर्जा संकट से अपेक्षाकृत कम प्रभावित हुआ है, जिसका मुख्य कारण बिजली उत्पादन में प्राकृतिक गैस की कम हिस्सेदारी और मौजूदा उत्पादन क्षमताओं का बढ़ता उपयोग है।
विज्ञापन
WEF
विस्तार
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने बुधवार को भारत को अपने एनर्जी ट्रांजिशन सूचकांक (ऊर्जा संचरण सूचकांक) में वैश्विक स्तर पर 67 वें स्थान पर रखा है और कहा कि यह एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है जहां सभी आयामों में एनर्जी ट्रांजिशन की गति तेज हो रही है। स्वीडन सूची में सबसे ऊपर है और इसके बाद डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड और स्विट्जरलैंड 120 देशों की सूची में शीर्ष पांच में हैं। एक्सेंचर के सहयोग से प्रकाशित रिपोर्ट जारी करते हुए डब्ल्यूईएफ ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन स्थिर हुआ है, लेकिन भारत उन देशों में शामिल हैं जिन्होंने महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
विज्ञापन
डब्ल्यूईएफ ने कहा, "भारत एकमात्र बड़ी अर्थव्यवस्था है जिसमें पावर ट्रांजिशन सूचकांक के न्यायसंगत, सुरक्षित और सतत आयामों में ऊर्जा संक्रमण की गति तेज हो रही है।" डब्ल्यूईएफ ने कहा, 'उदाहरण के लिए, निरंतर आर्थिक विकास के बावजूद, भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था की ऊर्जा तीव्रता और अपने ऊर्जा मिश्रण की कार्बन तीव्रता को सफलतापूर्वक कम कर दिया है, जबकि सार्वभौमिक ऊर्जा पहुंच प्राप्त की है और बिजली की सामर्थ्य का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया है। बिजली तक सार्वभौमिक पहुंच प्राप्त करना, स्वच्छ खाना पकाने के विकल्पों के साथ ठोस ईंधन को बदलना और नवीकरणीय ऊर्जा की तैनाती में वृद्धि भारत के प्रदर्शन में सुधार के लिए प्राथमिक योगदानकर्ता रहे हैं।
विज्ञापन
भारत हाल के ऊर्जा संकट से अपेक्षाकृत कम प्रभावित हुआ है, जिसका मुख्य कारण बिजली उत्पादन में प्राकृतिक गैस की कम हिस्सेदारी और मौजूदा उत्पादन क्षमताओं का बढ़ता उपयोग है। डब्ल्यूईएफ ने कहा, "हालांकि देश ऊर्जा व्यापार भागीदारों का एक अच्छी तरह से विविध मिश्रण रखता है, लेकिन बढ़ती आयात निर्भरता वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच जोखिम का प्रतिनिधित्व भी करती है।
विज्ञापन