ट्रंप की नीतियों के रुख से प्रभावित होगा भारत का निर्यात!
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अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख को देखते हुए निर्यातक अमेरिका को होने वाले निर्यात के प्रभावित होने की आशंका जाहिर कर रहे हैं। ट्रंप की नई सरकार अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने पर फोकस करेगी और इस बात के संकेत ट्रंप ने 20 जनवरी को अपने शपथ ग्रहण के दौरान भी दे दिए हैं।
भारत सालाना अमेरिका को लगभग 40 अरब डॉलर का निर्यात करता है और भारत से होने वाले वस्तुओं के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 15 फीसदी है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के अध्यक्ष एससी रल्हन ने बताया कि मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर ट्रंप का रुख भारतीय वस्तुओं के निर्यात को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह ऊंची कीमत वाले उत्पादों को ही प्रभावित करेगा।
लागत पर भी देना होगा अमेरिका को ध्यान
उन्होंने बताया कि वस्तुओं के निर्माण से जुड़े कच्चे माल व अन्य इंटरमीडिएट उत्पादों के निर्यात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। रल्हन ने बताया कि अमेरिका को मैन्यूफैक्चरिंग के दौरान अपनी लागत का भी ध्यान रखना होगा, क्योंकि अगर वही चीजें भारत व चीन से सस्ते दाम में मिल जाती हैं तो अमेरिका के लिए अपने देश में उन वस्तुओं का निर्माण करना आसान नहीं होगा।
निर्यातकों ने बताया कि मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर ट्रंप के रुख से अंतिम उत्पाद का निर्यात प्रभावित होगा।
निर्यातकों ने बताया कि अमेरिकी कार कंपनी जो भारत में लागत कम होने की वजह से निर्माण कर रही है और भारत से कार का निर्यात अमेरिका कर रही है, उन्हें अब अमेरिका में ही निर्माण करना होगा, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर अमेरिकी सरकार उस उत्पाद पर काफी अधिक आयात शुल्क लगा देगी।