RBI: आरबीआई गर्वनर बोले, दुनिया में तेजी से बढ़ रही हमारी इकोनॉमी, विदेशी मुद्रा भंडार की भी स्थिति अच्छी
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि हमारी बैंकिंग प्रणाली की सेहत अच्छी है और बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों से किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को रोक सकती है।
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भारत की मौजूदा आर्थिक वृद्धि की रफ्तार के मद्देनजर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत को व्यापक रूप से 2022 में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में माना गया है। जब अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं वास्तव में मंदी या अपनी विकास गति में काफी कमी का सामना कर रही हैं भारत ने तेज गति दिखाई है।
भारत का मुद्रा भंडार 561 बिलियन अमेरिकी डॉलर
सोमवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 26 अगस्त की स्थिति के अनुसार भारत का मुद्रा भंडार 561 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो बाहरी झटकों को रोकने का काम करेगा। हमारी बैंकिंग प्रणाली की सेहत अच्छी है। यह अच्छी तरह से पूंजीकृत है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पिछले हफ्ते जैक्सन होल शिखर सम्मेलन के बाद से बाजार बेहद अस्थिर और अनिश्चित हो गए हैं। हमारी बैंकिंग प्रणाली की सेहत अच्छी है और बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों से किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को रोक सकती है। आगे चलकर हमारी मौद्रिक नीति चौकस, तेज और कैलिब्रेटेड होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार सॉवरेन ग्रीन बांड जारी करने पर काम कर रही है।
शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय रुपये में 5.1% की गिरावट आई है जो दुनिया में सबसे कम है। आरबीआई नियमित रूप से बाजार में तरलता और विश्वास प्रदान करता है। हमारा हस्तक्षेप मोटे तौर पर अत्यधिक अस्थिरता को रोकने और अपेक्षाओं को स्थिर करने पर आधारित है।
बैंकिंग प्रणाली बाहरी चुनौतियों से मुकाबला करने में सक्षम : गवर्नर
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पावेल के पिछले सप्ताह के भाषण से पैदा हो रहीं बाहरी नकारात्मक चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए हमारी बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह सक्षम है। पावेल ने पिछले सप्ताह जैक्सन होल सम्मेलन में सख्त रवैया अपनाने के स्पष्ट संकेत दिए थे।
एक कार्यक्रम में दास ने कहा, केंद्रीय बैंक ने सरकार के साथ मिलकर घरेलू बैंकिंग प्रणाली को सशक्त करने के लिए विदेशी मुद्रा के उच्चस्तर को बनाए रखने जैसे कई कदम उठाए हैं। इनके दम पर भारत बाहरी चुनौतियों का मजबूती से सामना करने की स्थिति में है। दास ने कहा, जैक्सन होल सम्मेलन के बाद दुनिया के बाजारों में ज्यादा उठापटक देखी जा रही है। मौद्रिक नीति को लेकर कहा, यह नीति सजगता भरी और सोची-समझी होगी। इस माह के अंत में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक हो सकती है।
- 4.5% टूटा है डॉलर के मुकाबले रुपया, अन्य मुद्राओं में ज्यादा गिरावट
- सॉवरेन हरित बॉन्ड जारी करने की दिशा में काम कर रहे हैं आरबीआई व सरकार
रुपये में अन्य मुद्राओं से कम गिरावट
घरेलू मुद्रा को अधिक उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए आरबीआई मौजूद है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सिर्फ 4.5 फीसदी टूटा है, जबकि दुनिया की अन्य मुद्राओं में कहीं अधिक गिरावट दर्ज की गई है।
महंगाई : दूसरी छमाही से कीमतों में नरमी आने की संभावना
दास ने कहा, आने वाले महीनों में महंगाई के मोर्चे पर अच्छे दिन आने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही से कीमतों में नरमी की संभावना है।चौथी तिमाही से कीमतों में गिरावट अधिक तेज हो सकती है।
डिजिटल के दम पर 2047 तक विकसित बनेगा भारत : वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा, महामारी से उबरने के बाद भी दुनिया कई नई चुनौतियों से जूझ रही है। 2047 तक विकसित देश बनने के लिए भारत को कई मुद्दों पर ध्यान देना होगा। इस लक्ष्य को पाने के लिए बहुत सारी चीजों को फिर से आकार देना पड़ेगा। इसमें डिजिटलीकरण, शिक्षा व बुनियादी ढांचा सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं।
अगले 25 वर्षों के सुधारों व विकास के सवाल पर कहा, जब भारत स्वतंत्रता की पहली शताब्दी मनाएगा, हमें बहुत सारी चीजें ठीक करनी होंगी। सरकार डिजिटलीकरण, शिक्षा और बुनियादी ढांचे का विकास कर रही है ताकि अंदरुनी इलाके शहरों से अलग-थलग न रह सकें।
अप्रत्याशित लाभ कर : अचानक नहीं उद्योग से चर्चा के बाद ही वसूला जा रहा
वित्त मंत्री ने कहा, पेट्रोलियम उत्पादों और कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर अचानक नहीं लगाया गया है। उद्योग के साथ नियमित परामर्श के बाद ही वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा, जब हमने इस बारे में सुझाव दिया तो उद्योग जगत से कहा था कि हर 15 दिनों में इस कर समीक्षा की जाएगी और हम ऐसा ही कर रहे हैं।