{"_id":"5a5586e94f1c1bd4178b5e57","slug":"india-has-enormous-potential-may-get-7-3-per-cent-growth-rate-in-2018-world-bank","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व बैंक ने कहा- 2018 में चीन को पछाड़ आगे निकल जाएगी भारतीय इकोनॉमी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
विश्व बैंक ने कहा- 2018 में चीन को पछाड़ आगे निकल जाएगी भारतीय इकोनॉमी
एजेंसी, वाशिंगटन
Updated Wed, 10 Jan 2018 04:12 PM IST
विज्ञापन
वर्ल्ड बैंक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम बजट से ठीक पहले भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है। वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि 2018 में भारत की विकास दर 7.3 फीसदी रहेगी, जबकि इसके बाद के दो साल तक यह 7.5 फीसदी के स्तर पर रहेगी और चीन को इस मामले में काफी पीछे छोड़ देगी। बैंक के अनुसार चीन की विकास दर 2017 में 6.8 फीसदी रहेगी जो इस दौरान भारत की 6.7 फीसदी से 0.1 फीसदी ज्यादा है, लेकिन इसके बाद 2018 में यह 6.4 फीसदी और 2019 व 2020 में क्रमश: 6.3 और 6.2 फीसदी पर सिमट जाएगी।
विज्ञापन
बैंक ने बुधवार को जारी ग्लोबल इकोनामिक्स प्रॉस्पेक्ट में कहा है कि व्यापक सुधार की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए महत्वाकांक्षी कदमों के साथ भारत के अंदर अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले विकास की अपार संभावनाएं हैं। नोटबंदी और जीएसटी के कारण प्रारंभिक झटकों से उबरते हुए यह 2017 में 6.7 फीसदी की दर से आगे बढ़ रही है।
विज्ञापन
विश्व बैंक के निदेशक ऐहान कोसे ने कहा, ‘इस बात की भरपूर संभावना है कि अगले दशक में भारत अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले तेज गति से विकास करेगा। इसलिए मैं निकट भविष्य में आर्थिक विकास के अनुमानों को लेकर चिंतित नहीं हूं। अगले दस साल की बात की जाए तो भारत के अंदर जबर्दस्त संभावनाएं हैं।’
विज्ञापन
कोसे के अनुसार संभावनाओं को हकीकत में तब्दील करने के लिए भारत को निवेश बढ़ाने के उपाय करने होंगे। श्रम बाजार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े सुधारों को लागू करने और निवेश के रास्ते की बाधाओं को दूर करने से भारत को काफी लाभ होगा। भारत युवाओं का देश है और इस मामले में कोई भी देश उसके आसपास भी नहीं ठहरता है। इन खूबियों के दम पर भारत अगले दस साल तक औसतन सात फीसदी की विकास दर हासिल करने की क्षमता रखता है।