India-Canada: भारत-कनाडा ने एफटीए वार्ता दोबारा शुरू की, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और कनाडा मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू करने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा अपनी-अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल कर व्यवसाय और निवेश के क्षेत्र में फोर्स मल्टीप्लायर बन सकते हैं।
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भारत और कनाडा मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत फिर से शुरू करने पर सहमत हो गए हैं। वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाना है।
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व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच के विश्वास को दर्शाता है
गोयल ने बताया कि एफटीए या व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) में कई रणनीतिक तत्व होते हैं और यह दोनों देशों के बीच विश्वास का प्रदर्शन है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों पक्षों के निवेशकों और कारोबारियों को विश्वास मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम उच्च-महत्वाकांक्षी सीईपीए पर वार्ता शुरू करने और 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश स्वाभाविक सहयोगी हैं और एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करते हैं।
भारत और कनाडा अपनी क्षमताओं से फोर्स मल्टीप्लायर बन सकते हैं
गोयल ने कहा कि भारत और कनाडा अपनी-अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल कर व्यवसाय और निवेश के क्षेत्र में फोर्स मल्टीप्लायर बन सकते हैं। उन्होंने तीसरी भारत-कनाडा मिनिस्ट्रियल डायलॉग में बताया कि दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण खनिज, उनके प्रसंस्करण की तकनीक और परमाणु ऊर्जा सहयोग की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यूरेनियम आपूर्ति को लेकर कनाडा के साथ भारत की साझेदारी इस क्षेत्र में नए अवसर खोल सकती है। साथ ही, दोनों पक्ष सप्लाई चेन को भी विविध बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं।
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के विवाद में बिगड़े थे संबंध
गोयल ने यह भी माना कि द्विपक्षीय संबंधों में हाल के वर्षों में तनाव रहा है। 2023 में कनाडा ने भारत के साथ एफटीए पर बातचीत रोक दी थी। उसी वर्ष कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की कथित संलिप्तता का आरोप लगाया था, जिसे भारत ने बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया था।
अब तक आधा दर्जन से अधिक दौर की वार्ता हुई पूरी
मार्च 2022 में, दोनों देशों ने एक अंतरिम समझौते के लिए वार्ता फिर से शुरू की थी, जिसे आधिकारिक तौर पर प्रारंभिक प्रगति व्यापार समझौता (ईपीटीए) कहा गया था। व्यापार समझौते पर अब तक आधा दर्जन से अधिक दौर की वार्ता हो चुकी है।
आम तौर पर, किसी व्यापार समझौते में, दो देश अपने बीच व्यापार की जाने वाली अधिकतम वस्तुओं पर सीमा शुल्क में उल्लेखनीय कमी करते हैं या उसे समाप्त कर देते हैं। वे सेवाओं में व्यापार को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए मानदंडों को भी उदार बनाते हैं।
बीते वर्षों में दोनों देशों के बीच कितना हुआ व्यापार?
कनाडा को भारत का निर्यात 2024-25 में 9.8 प्रतिशत बढ़कर 4.22 अरब डॉलर हो गया, जो 2023-24 में 3.84 अरब डॉलर था। हालांकि, आयात पिछले वित्त वर्ष में 2.33 प्रतिशत घटकर 4.44 अरब डॉलर रह गया, जो 2023-24 में 4.55 अरब डॉलर था।
जून में कनाडा के कनानसकीस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की अपने कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के साथ हुई बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में नई जीवंतता आई। भारत और कनाडा के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 2023 में 18.38 अरब डॉलर रहा। कनाडा में लगभग 2.9 मिलियन भारतीय प्रवासी और 4,27,000 से अधिक भारतीय छात्र हैं।