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Inflation: जून में खुदरा मंहगाई दर बढ़कर 5.08% पहुंची, चार महीने में सर्वाधिक; खाद्य पदार्थों की कीमतों का असर
Fri, 12 Jul 2024 06:12 PM IST
शिव शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 12 Jul 2024 06:12 PM IST
सार
खुदरा महंगाई जून, 2024 में बढ़कर चार महीने के उच्च स्तर 5.08 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पहले सीपीआई आधारित महंगाई फरवरी, 2024 में सबसे ज्यादा 5.09 फीसदी रही थी। मई में यह घटकर एक साल के निचले स्तर 4.75 फीसदी पर आ गई थी।
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महंगाई दर में बढ़ोतरी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में उछाल से खुदरा महंगाई जून, 2024 में बढ़कर चार महीने के उच्च स्तर 5.08 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पहले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई फरवरी, 2024 में सबसे ज्यादा 5.09 फीसदी रही थी। मई में यह घटकर एक साल के निचले स्तर 4.75 फीसदी पर आ गई थी, जबकि जून, 2023 में 4.87 फीसदी रही थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में खाद्य वस्तुओं की महंगाई बढ़कर 9.36 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। मई में यह 8.69 फीसदी थी।
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सब्जियों की कीमतों में वृद्धि के कारण बढ़ी खुदरा महंगाई
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं, खास तौर पर सब्जियों की कीमतों में वृद्धि के कारण जून में खुदरा महंगाई 5.08 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह चार महीने का उच्च स्तर है। जनवरी से खुदरा महंगाई दर में गिरावट दर्ज की जा रही थी लेकिन, जून में यह फिर से बढ़ गई। मई 2024 में महंगाई दर 4.8 प्रतिशत और जून 2023 में 4.87 प्रतिशत थी। फरवरी में यह 5.09 प्रतिशत थी, जो कि पिछला सबसे उच्च स्तर था।
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एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, फूड बास्केट में महंगाई दर जून में 9.36 प्रतिशत रही। इसके अलावा मई में यह 8.69 प्रतिशत रही। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सीपीआई महंगाई दर 4 प्रतिशत पर बरकरार रहे। सबसे अधिक महंगाई दर सब्जियों में देखने को मिली, जो कि 29.32 प्रतिशत रही। इसके बाद दालें और उत्पाद में महंगाई दर 16.07 प्रतिशत रही। अनाज और फलों की कीमतें भी पिछले वर्ष के मुकाबले में जून में बढ़ी थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा मुद्रास्फीति 5.66 प्रतिशत रही। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में यह 4.39 प्रतिशत से अधिक रही।
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आईसीआरए की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने क्या कहा?
आईसीआरए की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जून 2024 में मुख्य सीपीआई आधारित महंगाई में चार महीने के उच्च स्तर पर वृद्धि देखने को मिली। मुख्य रूप से खाद्य और पेय पदार्थों की महंगाई दर आठ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के कारण हुई।