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PAK: बाजवा शहबाज को भ्रष्टाचार के बावजूद पीएम बनाना चाहते थे, इमरान ने पूर्व सेनाध्यक्ष पर लगा या बड़ा आरोप

Mon, 24 Apr 2023 09:03 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 24 Apr 2023 09:03 AM IST
सार

Imran Khan attacks Bajwa: रविवार को एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में खान ने कहा कि जनरल बाजवा के साथ बैठक के दौरान पूर्व सेना प्रमुख ने सुझाव दिया कि अगर पीटीआई प्रमुख चुनाव चाहते हैं तो उन्हें पहले दोनों प्रांतों में अपनी सरकारों को भंग कर देना चाहिए। वहां राष्ट्रपति आरिफ अल्वी भी मौजूद थे।

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Imran Khan's Big Charge Against Pak's Former Army Chief
इमरान खान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की सलाह के बाद उन्होंने पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा (केपी) की प्रांतीय असेंबली को भंग कर दिया था। 

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रविवार को एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में खान ने कहा कि जनरल बाजवा के साथ बैठक के दौरान पूर्व सेना प्रमुख ने सुझाव दिया कि अगर पीटीआई प्रमुख चुनाव चाहते हैं तो उन्हें पहले दोनों प्रांतों में अपनी सरकारों को भंग कर देना चाहिए। वहां राष्ट्रपति आरिफ अल्वी भी मौजूद थे।
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पिछले साल अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव के बाद अपदस्थ प्रधानमंत्री ने कहा कि खुफिया ब्यूरो (आईबी) प्रमुख ने उनसे कहा कि बाजवा शहबाज शरीफ को सत्ता में लाना चाहते हैं।
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जनरल बाजवा और खुफिया एजेंसी के  प्रमुख को पता था कि मौजूदा शासकों ने राष्ट्रीय खजाने से पैसा चुराया था और इसे विदेश ले गए थे। यह जानने के बावजूद, जनरल बाजवा उन्हें 'एनआरओ' देने के लिए तैयार थे क्योंकि वे सेवा विस्तार चाहते थे।


साक्षात्कार के दौरान, इमरान खान ने कहा कि चुनाव जुलाई में हो सकते हैं यदि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली को भंग कर देते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने इस बात पर भी जोर दिया कि पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा (केपी) दोनों प्रांतों में कार्यवाहक सरकारें अवैध हैं। वहां खान की पार्टी क्रमश: 14 और 18 जनवरी को अपनी दो विधानसभाओं को भंग करने का फैसला करने से पहले सत्ता में थी, जो उनके निर्धारित कार्यकाल की समाप्ति के बाद अवैध हैं।

उन्होंने मांग की कि कार्यवाहक सरकार को समाप्त किया जाए और एक नया "तटस्थ" अंतरिम सेटअप बनाया जाए।

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