फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   import duty increased damp festive season demand of white goods

फेस्टिव सीजन की तैयारी में लगी कंपनियों को झटका, ड्यूटी बढ़ने से बिक्री घटने की आशंका

Thu, 27 Sep 2018 01:37 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 27 Sep 2018 01:37 PM IST
विज्ञापन
import duty increased damp festive season demand of white goods

आगामी फेस्टिव सीजन की तैयारियों में लगीकंपनियों को केंद्र सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी में इजाफा करने के कारण झटका लगा है। अब टीवी, फ्रिज, एसी और वाशिंग मशीन के दामों में 5 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है। वहीं ब्रांडेड जूते और सूटकेस खरीदना भी महंगा हो गया है।

विज्ञापन


इन उत्पादों की नहीं बढ़ेगी कीमतें

फेस्टिव सीजन के लिए कंपनियों ने काफी तैयारी कर रखी थी। लेकिन अब बड़े उत्पादों की बिक्री पर असर देखने को मिलेगा। हालांकि कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद भी 400 लीटर तक के फ्रिज और 8 किलोग्राम तक की वाशिंग मशीन की कीमतों पर बिलकुल भी असर नहीं पड़ेगा। 400 लीटर से अधिक क्षमता वाले फ्रिज जिनका दाम 50 हजार रुपये से ज्यादा है और 30 हजार से ज्यादा वाली वाशिंग मशीन महंगी हो गई है।
विज्ञापन


एसी खरीदना हुआ महंगा

केंद्र सरकार ने फ्रिज और 10 किलो तक की क्षमता वाली वॉशिंग मशीन व एसी पर कस्टम ड्यूटी 20 फीसदी बढ़ा दिया है। वहीं एसी और फ्रिज के कम्प्रेसर को 7.5 फीसदी से बढ़ाकर के 10 फीसदी कर दिया है। इससे एसी खरीदना भी महंगा हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में एसी के लिए कम्प्रेसर बनते नहीं हैं। ज्यादातर कम्प्रेसर बाहर से बनकर आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

25 फीसदी देना होगा जूतों पर ड्यूटी

import duty increased damp festive season demand of white goods

वहीं विदेश से आयात होने वाले जूते-चप्पल जिनकी कीमत 4 हजार रुपये से ज्यादा है, उनके दाम बढ़ गए हैं। इन वस्तुओं के अलावा स्पीकर, जूते, रेडियल कार टायर, आभूषण सामग्रियां, कई तरह के हीरे, बाथरूम, रसोई और घरों में काम आने वाले कुछ साजो-सामान, प्लास्टिक के कुछ खास सामान तथा ऑफिस स्टेशनरी, ट्रंक तथा हवाई जहाज के इंधनों पर भी शुल्क बढ़ा है।

86,000 करोड़ खर्च हुए इनके आयात पर गत साल

वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में इन वस्तुओं के शिपमेंट में 86 हजार करोड़ रुपये का आयात बिल बना था। वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह कदम अनावश्यक वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए उठाया है। इस निर्णय का लक्ष्य चालू खाता घाटे (सीएडी) को कम करना है।  बता दें कि जिन सामानों के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, वित्त वर्ष 2017-18 में करीब 86 हजार करोड़ रुपये मूल्य के वे सामान विदेश से खरीदे गए थे।  

अमेरिका-चीन ट्रेड वार का दिख रहा असर

कहा जा रहा है कि अमेरिका और चीन के ट्रेड वार को लेकर भारत में भी असर दिख रहा है। आज आधी रात से इन 19 सामानों के आयात पर बढ़े हुए दर से आयात शुल्क देना होगा। इससे गैर-जरूरी सामानों का आयात तो रुकेगा ही, डॉलर की खपत कम होगी। मेक इन इंडिया अभियान को भी इस फैसले से बढ़ावा मिलेगा। इस निर्णय से चीन भी प्रभावित होगा क्योंकि वहां से भारी मात्रा में सामान भारत आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed