फेस्टिव सीजन की तैयारी में लगी कंपनियों को झटका, ड्यूटी बढ़ने से बिक्री घटने की आशंका
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आगामी फेस्टिव सीजन की तैयारियों में लगीकंपनियों को केंद्र सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी में इजाफा करने के कारण झटका लगा है। अब टीवी, फ्रिज, एसी और वाशिंग मशीन के दामों में 5 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है। वहीं ब्रांडेड जूते और सूटकेस खरीदना भी महंगा हो गया है।
इन उत्पादों की नहीं बढ़ेगी कीमतें
फेस्टिव सीजन के लिए कंपनियों ने काफी तैयारी कर रखी थी। लेकिन अब बड़े उत्पादों की बिक्री पर असर देखने को मिलेगा। हालांकि कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद भी 400 लीटर तक के फ्रिज और 8 किलोग्राम तक की वाशिंग मशीन की कीमतों पर बिलकुल भी असर नहीं पड़ेगा। 400 लीटर से अधिक क्षमता वाले फ्रिज जिनका दाम 50 हजार रुपये से ज्यादा है और 30 हजार से ज्यादा वाली वाशिंग मशीन महंगी हो गई है।
एसी खरीदना हुआ महंगा
केंद्र सरकार ने फ्रिज और 10 किलो तक की क्षमता वाली वॉशिंग मशीन व एसी पर कस्टम ड्यूटी 20 फीसदी बढ़ा दिया है। वहीं एसी और फ्रिज के कम्प्रेसर को 7.5 फीसदी से बढ़ाकर के 10 फीसदी कर दिया है। इससे एसी खरीदना भी महंगा हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि देश में एसी के लिए कम्प्रेसर बनते नहीं हैं। ज्यादातर कम्प्रेसर बाहर से बनकर आते हैं।
25 फीसदी देना होगा जूतों पर ड्यूटी
वहीं विदेश से आयात होने वाले जूते-चप्पल जिनकी कीमत 4 हजार रुपये से ज्यादा है, उनके दाम बढ़ गए हैं। इन वस्तुओं के अलावा स्पीकर, जूते, रेडियल कार टायर, आभूषण सामग्रियां, कई तरह के हीरे, बाथरूम, रसोई और घरों में काम आने वाले कुछ साजो-सामान, प्लास्टिक के कुछ खास सामान तथा ऑफिस स्टेशनरी, ट्रंक तथा हवाई जहाज के इंधनों पर भी शुल्क बढ़ा है।
86,000 करोड़ खर्च हुए इनके आयात पर गत साल
वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में इन वस्तुओं के शिपमेंट में 86 हजार करोड़ रुपये का आयात बिल बना था। वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह कदम अनावश्यक वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए उठाया है। इस निर्णय का लक्ष्य चालू खाता घाटे (सीएडी) को कम करना है। बता दें कि जिन सामानों के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, वित्त वर्ष 2017-18 में करीब 86 हजार करोड़ रुपये मूल्य के वे सामान विदेश से खरीदे गए थे।
अमेरिका-चीन ट्रेड वार का दिख रहा असर
कहा जा रहा है कि अमेरिका और चीन के ट्रेड वार को लेकर भारत में भी असर दिख रहा है। आज आधी रात से इन 19 सामानों के आयात पर बढ़े हुए दर से आयात शुल्क देना होगा। इससे गैर-जरूरी सामानों का आयात तो रुकेगा ही, डॉलर की खपत कम होगी। मेक इन इंडिया अभियान को भी इस फैसले से बढ़ावा मिलेगा। इस निर्णय से चीन भी प्रभावित होगा क्योंकि वहां से भारी मात्रा में सामान भारत आता है।