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हुरुन की रिपोर्ट: यूनिकॉर्न के मामले में तीसरे स्थान पर भारत, ब्रिटेन को पछाड़ा
Thu, 23 Dec 2021 05:15 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी,मुंबई।
एजेंसी,मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 23 Dec 2021 05:15 AM IST
सार
रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश में भारतीय की ओर से स्थापित 65 यूनिकॉर्न सिलिकॉन वैली में हैं।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत यूनिकॉर्न कंपनियों के मामले में ब्रिटेन को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल चौथे स्थान पर था। हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट के बुधवार के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में इस साल नवंबर तक 33 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बने। इसके साथ ही देश में यूनिकॉर्न की संख्या 54 हो गई। ब्रिटेन में 39 यूनिकॉर्न हैं, जिनमें 15 इस साल ही बने हैं। यूनिकॉर्न उन कंपनियों को कहते हैं, जिनका मूल्यांकन एक अरब डॉलर से ज्यादा है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिकॉर्न की सूची में अमेरिका दुनियाभर में पहले व चीन दूसरे स्थान पर है। अमेरिका में इस साल 254 यूनिकॉर्न बने, जिससे वहां यूनिकॉर्न की कुल संख्या बढ़कर 487 पहुंच गई। चीन में कुल 301 यूनिकॉर्न हैं, जिनमें 74 इसी साल बने हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश में भारतीय की ओर से स्थापित 65 यूनिकॉर्न सिलिकॉन वैली में हैं।
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बायजू सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न
भारत में एडटेक स्टार्टअप बायजू सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न है। उसका कुल मूल्यांकन 21 अरब डॉलर है। 12 अरब डॉलर के साथ इनमोबी दूसरे, 9.5 अरब डॉलर के साथ ओयो तीसरे और 7.5 अरब डॉलर के साथ रोजरपे चौथे स्थान पर है। इसमें आगे कहा गया है कि भारतीय शहरों में बेंगलुरु में सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न हैं।
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अमेरिका-चीन का 74 फीसदी हिस्सा...दुनिया की 74% यूनिकॉर्न अमेरिका और चीन में हैं। इस साल दुनियाभर में कुल 673 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बने, जबकि 201 सूची से बाहर हो गए। 28% यानी 162 यूनिकॉर्न कंपनियां बन गईं। वहीं, 7% यानी 39 कंपनियां मूल्यांकन कम होने के कारण यूनिकॉर्न की सूची से बाहर हो गईं।