विकास को रफ्तार देने के लिए खर्च बढ़ाए सरकार: गीता गोपीनाथ
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने शुक्रवार को कहा कि विकास दर को रफ्तार देने के लिए भारत सरकार को कम समय में ज्यादा खर्च करने की योजना बनानी होगी। फिक्की के एक कार्यक्रम में बोलते हुए गोपीनाथ ने कहा कि सरकार को इसके साथ ही राजस्व में बढ़ोतरी और राजकोषीय घाटे पर काबू भी पाना होगा। इसके अलावा भारत के लिए सभी क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
पांच साल में 2 लाख करोड़ पहुंचाएंगे ग्रामीण उद्योगों का टर्नओवर
वहीं केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि अगले पांच वर्षों में खादी और ग्रामीण उद्योगों का टर्नओवर 2 लाख करोड़ रुपये पहुंचाने की योजना है। उद्योग मंडल फिक्की के कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस उद्योग में वैश्विक कारोबार में 10 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने की क्षमता है।
फिक्की के 92वें सालाना अधिवेशन में गडकरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के उद्योगों का मौजूदा कारोबार सालाना 75 हजार करोड़ रुपये है। चीन में जारी मुश्किलों का भारतीय कारोबारियों को लाभ उठाना चाहिए, ताकि अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 2 लाख करोड़ तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इन्फ्रा और एमएसएमई क्षेत्र में भारतीय अर्थव्यवस्था को 50 खरब डॉलर तक पहुंचाने की क्षमता है। अभी वैश्विक कारोबार में हमारी हिस्सेदारी महज 2.7 फीसदी है, जिससे बढ़ाकर 8-10 फीसदी करने का अवसर है।
निर्यात में बाधक बने देशों पर कार्रवाई : गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत को आश्वस्त करते हुए कहा कि निर्यात की राह में गैर-प्रशुल्कीय बाधाएं खड़ी करने वाले देशों पर सरकार जवाबी कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने डंपिंग या अनुचित सब्सिडी अथवा उल्टी शुल्क व्यवस्था (तैयार वस्तुओं पर कम आयात शुल्क तथा उन वस्तुओं को बनाने में उपयोग होने वाले कच्चे माल पर अधिक आयात शुल्क) समेत पूरी मूल्य शृंखला की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। कहा, हमारी सरकार किसी कंपनी विशेष के मसले के समाधान में भरोसा नहीं रखती, बल्कि समस्याओं के मूल कारण को दूर करने में विश्वास है। भारत ऐसा देश है जहां आपको प्रतिस्पर्धी लाभ के साथ बड़ा घरेलू बाजार मिलता है।’