बंद नहीं होगी BSNL-MTNL, सरकार बोली- जल्द होगा रिवाइवल
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सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार ने लोकसभा में कहा कि दोनों कंपनियों का रिवाइवल करना मकसद है, ताकि वो फिर से अपने खर्चों को निकाल सकें।
प्लान हो रहा है तैयार
दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इसके लिए सरकार एक प्लान तैयार कर रही है। इस प्लान के मिल जाने के बाद सरकार आगे की कार्यवाही करेगी। प्रसाद ने कहा कि मोबाइल कंपनियों में प्रतिस्पर्धा, कर्मचारियों की उच्च लागत और 4जी सेवा के न होने से इन दोनों की वित्तीय हालत काफी खराब हो गई है।
आईआईएम, डेलॉयट तैयार कर रहे हैं प्लान
प्रसाद ने बताया कि आईआईएम अहमदाबाद और डेलॉयट इन दोनों कंपनियों के रिवावइल का प्लान तैयार कर रहे हैं। प्लान में इन दोनों कंपनियों को 4जी सेवाएं शुरू करने, हॉटस्पॉट लगाने और माओवाद ग्रस्त इलाकों में सेवाएं शुरू करना शामिल है।
वीआरएस के लिए 8500 करोड़ का प्लान
केंद्र सरकार ने 8500 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया है। इस प्लान के लागू हो जाने के बाद इन दोनों निगमों के कर्मचारी स्वैच्छिक तौर पर सेवा से निवृत हो सकेंगे।
उम्रदराज कर्मचारियों की होगी छुट्टी
केंद्र सरकार के इस प्लान से इन दोनों निगमों में मौजूद उम्रदराज कर्मचारियों की छुट्टी होने की संभावना है। सरकार के मुताबिक दोनों निगमों में ऐसे कर्मचारियों की संख्या काफी ज्यादा है। इन कर्मचारियों को दी जाने वाली सैलरी के चलते दोनों कंपनियों पर काफी बड़ा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
घाटे में चल रही हैं दोनों पीएसयू
दोनों कंपनियां फिलहाल घाटे में चल रही हैं। केंद्र की इस मदद से बीएसएनएल को 6365 करोड़ रुपये और एमटीएनएल को 2120 करोड़ रुपये इस मद के लिए मिलेंगे। इसके एवज में सरकार 10 साल के लिए जारी बांड को गिरवी के तौर पर रखेगी।
बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले 5 सालों में 75 हजार रह जाएगी।
एमटीएनएल में 22 हजार कर्मचारी
एमटीएनएल में फिलहाल 22 हजार कर्मचारी हैं और कंपनी की 19 हजार करोड़ रुपये की उधारी है। कंपनी अपनी 90 फीसदी आय कर्मचारियों की सैलरी देने में खर्च करती है। अगले 6 साल में कंपनी के करीब 16 हजार कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे।