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सरकार प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर लगाएगी बैन, आधिकारिक डिजिटल करेंसी लाने की है तैयारी
Sat, 30 Jan 2021 08:03 PM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 30 Jan 2021 08:03 PM IST
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- फोटो : The Merkle Hash
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दुनिया भर में प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी को भारत में पूरी तरह से बंद करने की योजना बन रही है। भारत सरकार द्वारा इसके लिए बजट सत्र में एक विधेयक को संसद के पटल पर सूचीबद्ध किया गया है और इसके पास होते ही प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी हमेशा के लिए भारत में बंद हो जाएगी। हालांकि भारत सरकार इसकी जगह अपनी आधिकारिक डिजिटल करेंसी भी लाएगी।
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आरबीआई इस आधिकारिक डिजिटल करेंसी को जल्द से जल्द देश में लाने के लिए काम कर रहा है। इसे क्रिप्टोकरेंसी के तर्ज पर ही लाने की तैयारी है। आरबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डिजिटल करेंसी को लाने से क्या फायदे होंगे और यह कितना उपयोगी होगी।
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सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार पहली बार क्रिप्टोकरेंसी को बंद करने की योजना बना रही है। वहीं केंद्रीय बैंक की बुकलेट में कहा गया है कि बिटकॉइन जैसी निजी डिजिटल मुद्राओं ने हाल के वर्षों में लोकप्रियता हासिल की है।
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लेकिन भारत में रेगुलेटरों और सरकारों ने इन मुद्राओं के बारे में संदेह किया है और इससे उत्पन्न जोखिमों को लेकर काफा सावधान हो गई है। फिर भी, आरबीआई इनकी संभावना के बारे में पता लगा रहा है।
नोट में इस बात का भी जिक्र किया गया है यदि देश में करेंसी के डिजिटल वर्जन की जरूरत है तो इसे कैसे चालू किया जा सकता है? गौरतलब है कि 2018 में जारी क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े भुगतानों के लिए बैंक चैनलों के उपयोग पर आरबीआई ने प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी के विनियमन पर सवाल खड़ा कर दिया था।
क्या है क्रिप्टोकरेंसी
क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी मुद्रा है जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है। यह एक स्वतंत्र मुद्रा है जिस पर किसी का अधिकार नहीं होता। यह एक डिजिटल करेंसी होती है जिसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है। आमतौर पर इसका प्रयोग किसी सामान की खरीदारी या कोई सर्विस खरीदने के लिए किया जा सकता है।
इसे आप न तो देख सकते हैं, न छू सकते हैं, क्योंकि भौतिक रूप में क्रिप्टोकरेंसी का मुद्रण नहीं किया जाता। इसलिए इसे आभासी मुद्रा कहा जाता है। यह पिछले कुछ सालों में ऐसी करेंसी काफी प्रचलित हुई है।
क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत 2009 में हुई थी जो “बिटकॉइन” थी। इसको जापान के सतोषी नाकमोतो नाम के एक इंजीनियर ने बनाया था। शुरू में यह उतनी नहीं चली लेकिन धीरे-धीरे इसके रेट आसमान छूने लगे, जिससे यह सफल हो गई। देखा जाए तो अब तक लगभग 1000 प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मौजूद हैं।