Dhanteras: दो दिन तक चले धनतेरस पर खूब बिका सोना-चांदी, भारत-पाक मैच खत्म होने के बाद उमड़ी खरीदारों की भीड़
इस बार धनतेरस का त्योहार शनिवार और रविवार, दोनों दिन था। दिवाली से पहले दिन धनतेरस को सोना और चांदी खरीदने के लिए शुभ दिन माना जाता है। सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद धनतेरस पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।
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धनतेरस के दो दिन तक चले पर्व के दौरान मजबूत मांग के चलते सोना, आभूषणों और सिक्कों की खूब बिक्री देखी गई। आभूषण उद्योग को उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कारोबार में 35 फीसदी तक वृद्धि रहेगी। हालांकि रविवार को कुछ घंटे के लिए आभूषण बाजार में सुस्ती छाई रही, जिसकी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच था। आभूषण कारोबारियों ने बताया कि मैच खत्म होने के बाद देशभर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इस बार धनतेरस का त्योहार शनिवार और रविवार, दोनों दिन था। दिवाली से पहले दिन धनतेरस को सोना-चांदी, बर्तनों समेत अन्य कीमती सामानों की खरीदारी के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है। सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद धनतेरस पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। रविवार को दिल्ली में सोने की कीमत 50,139 रुपये प्रति दस ग्राम (कर शामिल नहीं) रही। पिछले साल धनतेरस में दस ग्राम सोने की कीमत 47,644 रुपये थी।
धनतेरस के मौके पर आम तौर पर 20-30 टन सोना बिकता है। इस शुभ दिन पर लोग सोना, चांदी और आभूषणों के अलावा वाहन और अन्य वस्तुओं की भी खरीदारी करते हैं। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (विपणन एवं बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि इस साल धनतेरस त्योहार के दो दिनों में अनुमानित 21,000 वाहनों की आपूर्ति की। यह पिछले वर्ष की तुलना में 10 फीसदी अधिक है, लेकिन 2018 और 2019 की तुलना में कम है। उन्होंने कहा कि उच्च मांग वाले मॉडलों की उपलब्धता में अभी भी बाधाएं हैं, जिनकी प्रतीक्षा अवधि लंबी है।
अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद के अध्यक्ष आशीष पेठे ने कहा कि शनिवार की तुलना में रविवार को प्रतिक्रिया बहुत अच्छी रही है क्योंकि कुल मिलाकर देश भर के बाजारों में उछाल आया है। 2021 की तुलना में बिक्री 10-15 फीसदी अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि रविवार को धनतेरस के दूसरे दिन भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर आभूषण बाजारों में थोड़ी सुस्ती छाई रही, लेकिन मैच खत्म होने के बाद ग्राहकों की संख्या में तेजी आई और दुकानों में खरीदारी की गतिविधियां तेज हो गईं।
वहीं विश्व स्वर्ण परिषद के भारत के क्षेत्रीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सोमसुंदरम पीआर ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष धनतेरस पर बिक्री 15-25 फीसदी अधिक होने की सूचना दी गई है क्योंकि त्योहारी अवसर ने सोने के पक्ष में मजबूत उपभोक्ता भावना को फिर से जगाया। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि इस साल दो दिवसीय धनतेरस के दौरान अनुमानित कारोबार लगभग 45,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें आभूषण कारोबार लगभग 25,000 करोड़ रुपये का है।
कैट ने एक बयान में कहा कि ऑटोमोबाइल, कंप्यूटर और कंप्यूटर से संबंधित सामान, फर्नीचर, घर और कार्यालय की सजावट के लिए आवश्यक सामान, मिठाई और स्नैक्स, रसोई के सामान, सभी प्रकार के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत अन्य सामानों का कारोबार लगभग 20,000 करोड़ रुपये का रहा। कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि धनतेरस पर बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस दिवाली त्योहार की संपूर्ण बिक्री का आंकड़ा 1.50 लाख करोड़ के पार पहुंच जाएगा।
40 टन बिका सोना, पिछले साल धनतेरस पर 30 टन हुई थी बिक्री
धनतेरस पर देशभर में करीब 40 टन सोना बिका। इंडियन बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, यह बिक्री पिछले दो दिनों में हुई। वहीं, 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का खुदरा कारोबार हुआ। पिछले साल धनतेरस पर 30 टन सोना बिका था।