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बजट के बाद गोल्ड खरीदना हो सकता है सस्ता, घटेगी इंपोर्ट ड्यूटी

Tue, 28 Nov 2017 11:23 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 28 Nov 2017 11:23 AM IST
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gold buying might become cheaper after budget as govt plans cut in import duty
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बुलियन मार्केट की बेहतरी और इसकी तस्करी पर लगाम लगाने के लिए इस वर्ष बजट में सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी में कुछ राहत मिल सकती है। इस समय देश में सोने के आयात पर 10 फीसदी का आयात शुल्क लग रहा है। इस वजह से जहां अन्य देशों के मुकाबले यहां सोना खरीदना महंगा पड़ता है, वहीं तस्करों के लिए एक बार फिर से यह अवैध तरीके से यहां सोना लाना फायदे का सौदा हो गया है।

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केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों की तरह इस साल भी स्वर्ण आभूषण उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले कई संगठनों ने सोना पर आयात शुल्क में कटौती की मांग की है। इस मांग का राजकोष पर और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, इस बारे में अप्रत्यक्ष कर विभाग ने विस्तृत प्रजेंटेशन तैयार कर राजस्व सचिव के सेल में भिजवा दिया गया है।
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अब फैसला वहीं से होगा कि इसे यथास्थिति छोड़ दिया जाए या कटौती किया जाए। हालांकि मंत्रालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत किया कि इस बार शुल्क में कुछ कटौती हो सकती है।
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कितनी होगी कटौती, इस पर सब खामोश
सोना पर आयात शुल्क में कितनी कटौती होगी, इस पर सभी खामोश हैं। एक अधिकारी ने बताया कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने पिछले वर्ष सोने पर आयात शुल्क दो फीसदी के स्तर पर रखने की बात कही थी।

अब कहा जा रहा है कि इस पर आयात शुल्क में इतनी कटौती ठीक नहीं है, यह यदि छह फीसदी पर भी रहे तो स्वर्ण आभूषण उद्योग को काफी राहत मिलेगी। हालांकि रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्घन परिषद का कहना है कि सोना पर आयात शुल्क में कम से कम पांच फीसदी की कटौती हो।

लाखों लोग आश्रित हैं इस कारोबार में

gold buying might become cheaper after budget as govt plans cut in import duty

रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्घन परिषद के अध्यक्ष प्रवीणशंकर पांड्या का कहना है कि देश के सभी राज्यों में स्वर्ण आभूषण के करीब तीन लाख खुदरा विक्रेता हैं। इसके अलावा कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, जयपुर, सूरत आदि बड़े शहरों में सोने का आभूषण बनाने वाली बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं।

वहां हजारों लोग काम करते हैँ। जबसे सोने पर आयात शुल्क दस फीसदी हुआ है, यहां काम मंदा हो गया है। इसलिए इनके वेतन पर इसका प्रभाव पड़ा है। उनका कहना है कि जनवरी 2012 से पहले देश में सोने के आयात पर महज एक फीसदी का कर देना पड़ता था जो कि एक तरह से कुछ नहीं था। इसे पहले तो दो फीसदी किया गया, फिर चार फीसदी, फिर छह फीसदी और उसे बाद बढ़ा कर 10 फीसदी कर दिया गया।

सोने की तस्करी में होने लगी है बढ़ोतरी
सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों का कहन है जबसे सोने पर छह फीसदी आयात शुल्क हुआ्र, तभी से सोने के तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी। जब इस पर आयात शुल्क को दस फीसदी कर दिया गया, तबसे से तस्करी के मामलों में खासी बढ़ोतरी हो गई हैै। तस्कर विदेश से सोना लाने के नए नए तरीके ढूंढता हैं, उसे देखते हुए सीमा शुल्क विभाग को इन्हें पकड़ने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

इस समय खरीदारों को देना पड़ता है 13 फीसदी टैक्स
पांड्या के मुताबिक इस समय यदि कोई व्यक्ति भारत में सोने का अभूषण खरीदता है तो उसे 13 फीसदी कर का भुगतान करना पड़ता है। कैसे, इस पर वह बताते हैँ कि दस फीसदी तो आयात शुल्क लगा ही है, वस्तु एवं सेवा कर -जीएसटी- में तीन फीसदी का कर इस पर लगाया गया है। मतलब ग्राहकों पर कुल मिला कर 13 फीसदी का कर भार पड़ता है।

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